रविकांत गोप,समाज जागरण, प्रखंड संवाददाता राजनगर(सरायकेला)
झारखंड(4 मई 2024) :- मुख्यमंत्री के गृह जिला में बिजली विभाग के पदाधिकारीयों की कार्यशैली का एक नमूना देखने को मिला जब एक साधारण उपभोक्ता का बिजली बिल 18 लाख आया। जहाँ एक ओर सरकार बिजली बिल माफी की बात करती है।तो वहीं दूसरी ओर एक आम आदमी का बिजली बिल 18 लाख आ रहा है।जी हाँ,मामला राजनगर प्रखंड के हेंसल गाँव का है।जब मधुसूदन गोप के घर में महीने का बिजली बिल 18 लाख आ गया।जिससे मधुसूदन गोप और उसके परिवार के सदस्य काफी चिंतित है।वहीं मधुसूदन अपना बिजली बिल सुधार करवाने के लिए पिछले 10 महीनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे है।
हेंसल निवासी मधुसूदन गोप के घर का बिजली बिल 18 लाख दिखाने पर सभी परेशान व हैरान है।जानकारी के अनुसार मधुसूदन गोप अपने घर मे ही लघु उद्योग स्थापित कर छोटा सा गेंहू पीसने वाली मशीन (आटा मशीन) लगा कर किसी प्रकार अपने परिवार का पेट पाल रहा है।जब उन्होंने लघु उद्योग स्थापित की।उन्होंने अपना बिजली कनेक्शन( कॉमर्शियल लाईन) ले लिया।उस वक्त उनका 5 केवी बिजली लोड थी। उस समय 3 से 5 हजार बिल आया करता था।और व प्रतिमाह अपना बिजली बिल समय पर भुकतान करते थे।जिसके बाद 8 केवी लोड सप्लाई ले ली।8 केवी लोड सप्लाई लेने के दूसरे महीने ही उसे 1,59,136 का बिल आ गया।जिसे सुधार करवाने के लिए मधुसूदन गोप ने विभाग को आवेदन भी किया,यहां तक कि जब सरकार आपके द्वारा शिविर लगा ,वहां भी आवेदन किया गया,हर बार विभाग के पदाधिकारी उन्हें केवल आश्वासन ही देते रहे।लेकिन बिल में सुधार नही किया गया,पिछले 10 महीने से लगातार कार्यलय का चक्कर लगाते रहे,लेकिन कोई समाधान नही हुआ।और अब उन्होंने जब अपना बिल ऑनलाइन के माध्यम से देखा तो उनके होश ही उड़ गए।अब उनका बिजली बिल लगभग 18 लाख आ गया है।ऐसे में मधुसूदन और उसके परिवार को चिंता सताए जा रही है,कि आखिर क्या किया जाय।और इतने पैसे वो कहाँ से लाए, जितना का उपयोग ही नही हुआ,उतना रकम चुकाने का बिल भेज दिया गया है।वहीं विभाग उदासीनता मधुसूदन और उनके परिवार की परेशानी कारण बन गई है।वहीं उन्होंने मीडिया के माध्यम से सरकार एवं बिजली विभाग से बिजली बिल सुधार की गुहार लगाई है।
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