*जांच अधिकारी मुख्यमंत्री पोर्टल का उड़ा रहे हैं मजाक, जीरो टार्लेंस की उड़ रही धज्जियां*
विजय शंकर पाण्डेय जिला संवाददाता/समाज जागरण
सोनभद्र। विकास खंड नगवां मांची वन रेंज के अंतर्गत वन भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी इस मामले की जांच के लिए नवीन राय को आदेशित किया गया जांच अधिकारी के द्वारा जिन दो गवाहों के नाम लिखे या उनका बयान लिखा गया है कि वन भूमि पर कोई कब्जा नहीं किया गया है जिसमे एक व्यक्ति चंदौली जनपद के महदेवा का निवासी है चौखड़ा वन रेंज से कुछ ही दूरी पर है।
दूसरा व्यक्ति मंजू यादव जो गोटी बांध गांव का निवासी है कभी इसका नाम मंजू देवी तो कही मंजू यादव लिखा है इस तरह के बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरा गवाह भी फर्जी है इससे भी वन विभाग नहीं मिला है।
दूसरे गवाह मंजू यादव से सेल फोन पर वार्ता कर बयान देने या विभाग का कोई अधिकारी आप से मिला था तो उनका कहना है की एक वर्ष से आज तक कोई जंगल विभाग का अधिकारी मिला ही नहीं है फोन पर बातचीत की पूरी आडियो रिकार्डिंग मौजूद है जिसमे वो साफ तौर पर इनकार कर रहा है।
इस प्रकार यह साबित होता है कि पूरे क्षेत्र में जंगल विभाग की भूमि पर हो रहे कब्जे को लेकर माची वन रेंज के अधिकारी कितने गंभीर है और इनकी संलिप्तता प्रतीत होती है और लगाए हुए आरोप सही है।

झूठी आख्या निस्तारण और वन भूमि पर हो रहे कब्जे को लेकर वन विभाग के एसडीओ से सेलफोन पर वार्ता किया गया तो उन्होंने ने मामले की जांचकर कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। अब देखना है कि विभाग इस पूरे प्रकरण में जांच पड़ताल कर कोई कार्यवाही करता है या फिर झूठी आख्या रिपोर्ट लगा कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।



