मैनपुरी के घिरोर की मंडी समिति के सचिव पर अवैध वसूली के आरोप को आढतियों ने निराधार बताया है। संभागीय उपनिदेशक प्रशासन/विपणन को पत्र भेजकर आढ़तियों ने बताया कि उनसे साफ-सफाई के नाम पर हाथ ऊंचे करवाकर गुमराह करके फोटो खिंचवाई गई थी। मामला जब उनका नाम लेकर मंडी सचिव पर अवैध वसूली का आरोप लगाकर प्रकाशित किया गया तो उन्हें मामले की जानकारी हुई। इस पूरे घटनाचक्र में विभाग के ही एक कर्मचारी का हाथ बताया जा रहा है। जिसको लेकर आढतियों में भी नाराजगी है जिसके चलते उनकी छवि खराब हुई है। वही इस पूरे मामले पर मंडी सचिव गौरव सिंह ने बताया कि पूर्व में मंडी सहायक व कंप्यूटर ऑपरेटर ने फर्जी लाइसेंस बनाकर गेट पास कटवा दिए व लाखों रुपए का टैक्स मंडी समिति में जमा नहीं कराया गया। इस पूरे मामले की जांच मंडी सचिव द्वारा की जा रही है। कंप्यूटर ऑपरेटर की इस काली करतूत का पता चलने पर जब मंडी सचिव ने कंप्यूटर ऑपरेटर को हटा दिया तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने व्यापारियों को गुमराह करना शुरू कर दिया व मंडी के व्यापारियों से फर्जी हस्ताक्षर करा लिए। जब व्यापारियों को सच्चाई पता चली तो व्यापारियों ने निदेशक मंडी समिति आगरा को एक पत्र लिखा है। जिसमें मंडी सचिव पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि हमलोगों से सड़क के गड्डों को सही कराने एवं नाले की सफाई हेतु विज्ञप्ति निकलवाने के नाम पर फोटो खिचवाना बताया है। व्यापारियों का कहना कि अवैध वसूली की खबर को गलत तरीके से छापा गया है अब यह उच्चाधिकारियों के जांच का विषय है कौन सही है कौन गलत है,इस मौके पर व्यापारी प्रवल कुमार जैन, विमल कुमार यादव, रामनरेश ,वीरेंद्र शाक्य ,बंटू यादव ,हरिओम गुप्ता ,पदम गुप्ता ,जीतू गुप्ता ,आशीष कुमार यादव ,संजीव कुमार, आदि काफी संख्या में व्यापारी लोग मौजूद थे
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