*आर्य समाज राष्ट्रहित के साथ समाज को भी संस्कारित करता है-विदुषी अंजलि आर्या*
गाजियाबाद,रविवार28=07=2024 को आर्य समाज नया आर्य नगर का वेद प्रचार सप्ताह हर्षोल्लास से संपन्न हुआ।
मुख्य वक्ता अंजलि आर्य ने भजनों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती भारत के स्वप्न दृष्टा थे यदि वो न आते तो नारियों को इतना सम्मान नही मिलता जितना आज मिल रहा है।देश की आजादी के लिए आर्य समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा है।आर्य समाज राष्ट्रहित के साथ समाज को भी संस्कारित करने का कार्य कर रहा है।पंच महायज्ञ को अपने व्यवहार में लाकर प्राणी मात्र के कल्याण के कार्य करते हुए अपने जीवन को यज्ञमय बनाकर अपनी ऋषि परंपरा को आगे बढ़ाकर ही हम सभी का जीवन सुखमय हो सकता है ।वेदों के मार्ग पर चलकर ही भौतिक दुखो से बचा जा सकता है।”वेदों अखिलो धर्म मूलम”अर्थात वेद ही समस्त धर्म का मूल है।आपके जीवन का दृढ़ निश्चय आपका संकल्प है यथार्थ संकल्प वादी बनो।अच्छे व्रती बनकर पाखंड आडंबरों से अपनी आने वाली पीढ़ी को बचाओ।तब जाकर ऋषि दयानंद का सपना पूरा होगा।कार्यक्रम का कुशल संचालन नरेंद्र कुमार पांचाल ने किया ।इस अवसर पर जिला सभा के संरक्षक श्रद्धानंद शर्मा,राजेश्वर शास्त्री,तेजपाल आर्य, कृष्णदेव आर्य,बाल मुकंद आर्य, सतेश्वर आर्य,रामा शंकर शास्त्री,कौशल गुप्ता ,सुमन राजपूत,वंदना अरोड़ा,महानगर की सभी आर्य समाजों के पदाधिकारीगण/कार्यकर्ता गुरुकुल पटेल नगर के ब्रह्मचारी गण मौजूद रहे।



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