google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

औरंगाबाद में शत प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करने का पारित किया गया प्रस्ताव:

दैनिक समाज जागरण
अविनाश कुमार जिला संवाददाता औरंगाबाद बिहार

इसके लिए जन-जागरूकता चलाने का लिया गया संकल्प—–
उक्त संकल्प हिन्दी सप्ताह समारोह के अन्तर्गत विश्व साक्षरता दिवस समारोह के उद्घाटनके अवसर पर लिया गया । इसका उद्घाटन आज संस्कृत कॉलेज औरंगाबाद में दीप प्रज्जवलित कर मुख्य अतिथि डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य सूरजपत सिंह ,प्रो रामाधार सिंह, संस्था के सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी,प्रो संजीव रंजन,कवि राम किशोर सिंह, विश्व हिंदू परिषद के नेता जयनंदन पांडेय ,संस्था के अध्यक्ष राम जी सिंह ने किया। तत्पश्चात ‘वर्तमान समय में साक्षरता की प्रासंगिकता’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी कीअध्यक्षता सूरजपत सिंह और संचालन साहित्य संवाद के अध्यक्ष लालदेव प्रसाद ने किया ।सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने बताया की संगोष्ठी का विषय प्रवेश कवि और साक्षरता कर्मी कालिका सिंह ने कराया और बताया कि आजादी के समय इस देश की साक्षरता दर 18% थी जो बढ़कर अब 74% हो गया । वहीं बिहार की साक्षरता दर 64% और औरंगाबाद भी 73 प्रतिशत हो गया है । साक्षरता अभियान के कारण ही यह हो पाया है ।इसके बाद मुख्य अतिथि डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ,रामकिशोर सिंह ,रामाधार सिंह , रेड क्रॉस के पूर्व सचिव मनोज कुमार सिंह ,वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रो संजीव रंजन, जयनंदन पांडेय ने अपने संबोधन में साक्षरता अभियान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया की साक्षरता सिर्फ पढ़ना लिखना ही नहीं बल्कि पढ़ने लिखने की जागरूकता पैदा करती है और समाज के विकास में योगदान देने और बुराइयों को मिटाने की प्रेरणा देती है ।इन सभी कार्यों में साक्षरता से लाभ हुआ है । वस्तुत: साक्षरता शिक्षा की प्राथमिक सिढीं है , नैतिक मूल्यों वाली शिक्षा से एक स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।साक्षरता को और आम जन से जोड़ने की जरूरत है। इसके साथ ही इस विषय पर कवि लवकुश सिंह, शिक्षक सुरेश सिंह, बैद्यनाथ सिंह, अरुण कुमार सिंह आदि ने प्रकाश डाला और साक्षरता को पूरे देश में चलाने की जरूरत बताया। सचिव सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने प्रस्ताव रखा कि औरंगाबाद जिले की साक्षरता दर राष्ट्रीय मानक 80 प्रतिशत तक बढ़कर शत-प्रतिशत करने की जरूरत है। इसके लिए जन जागरुकता अभियान चलाया जाये ,जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया । अंत में अध्यक्ष सरजपत सिंह ने सभी के विचारों का समर्थन करते हुए औरंगाबाद जिले की शैक्षिक प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और साक्षरता अभियान पुनः चलाने की वकालत की ।संगोष्ठी में शिव शिष्य पुरुषोत्तम पाठक, पूर्व अध्यापक राम सुरेश सिं,जनेश्वर यादव ,डॉक्टर महेंद्र ,इंजीनियर अखिलेश सिंह, पूर्व सचिव रेड क्रॉस मनोज कुमार सिंह ,प्रमोद सिंह ,विनोद सिंह सहित दर्जनों लोग उपस्थित है


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)