समाज जागरण डेस्क दिल्ली
दिल्ली: दिल्ली बस मार्शल को पुन: बहाल नही करना आम आदमी पार्टी और बीजेपी के लिए आने चुनाव मे परेशानी का कारण बन सकता है। 10 हजार से ज्यादा बस मार्शल जहाँ एक तरफ स्वयं ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दिया है वही अब दिल्ली के ऑटो चालकों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है।
ऑटो चालकों ने आम आदमी पार्टी और बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा है कि बस मार्शल के मुद्दे पर राजनीतिक न करे। 10 हजार से ज्यादा बस मार्शल पिछले दो साल से बेरोजगार जिसे जल्दी बहाल करने की जरूरत है। अगर ऐसा नही किया गया तो एक भी ऑटो वाले बीजेपी और आम आदमी पार्टी को वोट नही करेंगे।
ऑटो चालको ने कहा है कि दिल्ली के बसों मे आये दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटना होती रहती है। जब मार्शल को बहाल किया गया था तो यह घटना काफी हद तक कम हुआ था । लेकिन मार्शल को हटाकर बीजेपी और आम आदमी ने महिलाओंं की सुरक्षा को ताक पर रखकर राजनीतिक करने मे लगी है। अगर बहाल नही की गई तो आने वाले समय मे हम लोग बीजेपी या आम आदमी पार्टी को वोट देने के बजाय किसी और को समर्थन देंगे।
राजनीतिक हल्कों ने चलती हल्की ब्यार मे अब इस बात की चिंता होने लगी है कि आखिर बस मार्शलो की समस्या कैसे दूर करें। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी मानना है कि जब दिल्ली की बसों की हालत ही ठीक नही है तो उसमे मार्शल भर्ती करने से क्या फायदा होगा। पहले सरकार को दिल्ली के डीटीसी बसों को सही करनी चाहिए। आज हालत यह है कि बस को ठीक से मैटेंनेंस नही मिलने के कारण कही भी खड़ी हो जाती है और फिर उसे क्रेन से खीचकर डीपो तक पहुँचाना पड़ता है।
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