अयोध्या में सितारा होटल पंचवटी, रामायण, शान-ए-अवध में अगले कई महीनों तक के लिए बुकिंग फुल है और यही हाल इस शहर के बैंक्वेट और मैरिज लॉन का भी है।
UP: शादियों के इस सीजन में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कहीं ज्यादा धर्मनगरी अयोध्या के होटलों, बैंक्वेट और मैरिज लॉन में रौनक नजर आ रही है। अयोध्या में सितारा होटल पंचवटी, रामायण, शान-ए-अवध में अगले कई महीनों तक के लिए बुकिंग फुल है और यही हाल इस शहर के बैंक्वेट और मैरिज लॉन का भी है।
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से न केवल शादियों का पैटर्न बदला बदला है बल्कि डेस्टिनेशन मैरिज करने वालों की पसंद में भी बदलाव दिख रहा है। आम तौर पर आगरा, झांसी जैसे ऐतिहासिक व कार्बेट और दुधवा जैसे वन्यजीव अभ्यारणों के करीब डेस्टिनेशन मैरिज करने वालों की पहली पसंद अयोध्या, वाराणसी और मथुरा बन गया है। धार्मिक शहरों में भी शादियों के लिए लोगों की सबसे पहली पसंद बन कर अयोध्या उभरा है। अयोध्या में अभी पर्याप्त होटल, रिसोर्ट, गेस्ट हाउस उपलब्ध न होने की दशा में लोग लखनऊ-अयोध्या रोड पर बने मैरिज लॉन की भी जबरदस्त बुकिंग करा रहे हैं।
अयोध्या के साथ ही लोगों के बीच वाराणसी भी पसंदीदा डेस्टिनेशन मैरिज स्थल बन रहा है। इस बार सहालग में स्थानीय परिवारों से इतर बड़ी तादाद में बाहर से लोग वाराणसी में आकर शादी रचा रहे हैं। वाराणसी में शादियों में सजावट का कम करने वाले संतोष राय बताते हैं कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण और गंगा घाट पर भव्य आरती की शुरुआत के बाद से यह चलन तेजी से बढ़ा है। उनका कहना है कि पुराने शहर में काशी विश्वनाथ मंदिर व गंगा घाट के पास भव्य व बड़ी शादियों के लिए कम ही स्थान है और जो हैं भी वो बहुत महंगे हैं। इन हालात में लोग वाराणसी एयरपोर्ट के पास बने मैरिज लॉन को शादियों के लिए पसंद कर रहे हैं और काशी विश्वनाथ की थीम पर सजावट की मांग कर रहे हैं।

अयोध्या में हाल ही में वेडिंग प्लानिंग का काम शुरु करने वाले दीपक सिंह का कहना है कि मांग के मुताबिक अभी इस शहर में उस तरह की सुविधाएं नहीं है लिहाजा बहुत सी चीजें सजावट के लिए बाहर से मंगाना पड़ रही हैं। उनका कहना है कि भव्य शादियों के लिए अयोध्या में बामुश्किल दर्जनभर अच्छे होटल हैं और बुकिंग कहीं बड़े पैमाने पर आ रही है। शादियों के लिए लोगों को सुल्तानपुर, लखनऊ और बस्ती रोड पर बने मैरिज लॉन या रिसार्ट का रुख करना पड़ रहा है। हालांकि उनका कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से सहालग में बढ़ी मांग और बाहर से पार्टियों के शादी के लिए यहां आने से कारोबार में खासी तेजी आयी है। दीपक बताते हैं कि अयोध्या के आसपास व लखनऊ तक से सजावट के लिए फूलों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है और इन्हें वाराणसी या कोलकाता से मंगाना पड़ रहा है। इसके अलावा बड़ी शादियों के लिए सजावट करने वाले कारीगर बिहार से बुलाए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मशहूर वेडिंग प्लानर लखनऊ के शम्सी सन्स से लेकर शुभ मंगल तक के पास इन दिनों शादियों में राम मंदिर की थीम पर सजावट की बुकिंग आ रही है। वेडिंग प्लानर रजनीश माथुर बताते हैं कि इस सहालग में बड़े पैमाने पर शादियों की थीम राम मंदिर है। लोगों को जयमाल स्थल व विवाह मंडप में बैकड्राप में राम मंदिर का मॉडल चाहिए तो अच्छे बजट वाले पूरे वैवाहिक स्थल को पौराणिक लुक देने की मांग कर रहे हैं।
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