उत्तर प्रदेश का अयोध्या जिला पर्यटकों से गुलजार हो रहा है. इसे देखते हुए सरकार ने अयोध्या में 600 घरों को होम स्टे बनाया है. हजारों लोगों ने अपने घर को हो स्टे बनाने के लिए अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी में आवेदन दिए हैं. बता दें, होम स्टे में तब्दील होने वाले घर 2 से 5 कमरों के हैं. यहां पर्यटक आराम से ठहर सकेंगे. कमाल की बात यह है कि एक होम स्टे मालिक की आय औसतन एक लाख रुपये हो गई है. इसलिए यह अयोध्या में रोजगार का बड़ा साधन बन गया है. अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी का दावा कि होम स्टे की वजह से दिल्ली, मुम्बई या फिर दुबई में रोजगार के लिए गए यहां के लोग वापसी कर रहे हैं.
हालांकि, अभी अयोध्या में कहीं भी होटल या गेस्ट हाउस में जगह नहीं है. साथ ही, 22 जनवरी को भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा को देखते हुए सरकार ने सभी जहगों की एडवांस बुकिंग बंद कर दी है. इस कार्यक्रम में बड़ी तादाद में अति विशिष्ट अतिथियों का आना तय है. इसे देखते हुए ही सरकार ने ये फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है. उनके आदेश के बाद सरकारी अमला एक्शन में आ गया है. जिले अधिकारियों ने छोटे से बड़े गेस्ट हाउस तक की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है.
कोने-कोने पर है पुलिस की नजर
बता दें, 22 जनरी के कार्यक्रम को देखते हुए पूरे अयोध्या शहर में सुरक्षा जांच और वेरिफिकेशन के लिए टीमें गठित की गई हैं. हर टीम को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा गया है. ताकि, कोई भी कोना सुरक्षा जांच से अछूता न रह जाय. होटल मालिक और अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता News18 को बताया कि अयोध्या में रूम की काफी डिमांड है. प्राण प्रतिष्ठा के एक महीने पहले ही मांग काफी बढ़ी है. लेकिन, प्रशासन की तरफ से ट्रस्ट के इनविटेशन पर आने वाले लोगों को रूम उपलब्ध कराने की प्रमुखता देने को कहा है.
ये है सबसे बड़ी चुनौती
अयोध्या में बढ़ते पर्यटकों के चलते बड़ी संख्या में छोटे-छोटे गेस्ट हाउस हैं, तो बड़े होटल भी हैं. प्रशासन के सामने चुनौती अयोध्या पहुंचने वाले महमानों को ठहराने की और उनकी सुरक्षा की है. ऐसे में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा जांच और वेरिफिकेशन किया जा रहा है. अनुमान है कि 22 जनवरी के बाद से अयोध्या में हर दिन दो लाख के करीब श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे.
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