सौरभ कुमार,दैनिक समाज जागरण,संवाददाता,झारखंड
जमशेदपुर बारीडी बस्ती निवासी 67 वर्षीय राजेंद्र कुमार बर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी मीना वर्मा इन दिनों अपने क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बने हुए हैं। क्षेत्र में लगभग आम का सीजन खत्म हो गया है। लगभग पेड़ों में आम अब खत्म हो गया है। फिर भी अगर अपने बगीचे में अपने खुद के द्वारा उगाए गए पौधों से अगर आम फल दे रहा है। तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी? कारण इनके बागों में इस बार आम अच्छे लगे हैं, आम की अच्छी पैदावार होने के चलते यह दोनों पति-पत्नी काफी खुश है। इन्हें बागवानी के साथ-साथ आम और आम के अचार के शौक हैं। मीना वर्मा हर साल नए-नए किस्म के अचार बनाति है। सीजन के हिसाब से इन्होंने आम का स्टॉक कर लिया है। बरसात के मौसम में अब आम कहां देखने को मिलेंगे? अब जो भी मिलेगा उनके द्वारा बनाए गए आम का अचार और मुरब्बा को हम लोग देख सकेंगे। इन्हें आम के नए-नए रेसिपी एवं मुरब्बो का अच्छा अनुभव है। रिटायरमेंट के बाद यह दोनों पति-पत्नी अपने रोजमर्रा की जिंदगी में सादगी देसी एवं ग्रामीण जिंदगी जी रहे हैं। सादगी जीवन और हर रोज नए-नए आम की रेसिपी को बनाना। यह सच में कोई छोटी बात नहीं। यह काम हमें आंटी जी से सीखना चाहिए। फलों के राजा आम का नाम आते ही मुंह में पानी आना लाजमी है। ऐसे में आम के पेड़ों पर इतने बड़े-बड़े और स्वादिष्ट फल आने से चेहरों पर मुस्कान दिखनी तो लाजिम है, इसकी मिठास, रस और सुगंध से हर किसी का मन प्रसन्न हो जाता है। जादूगोड़ा में दो ही चीज फेमस है एक वर्मा अंकल दूसरा आम, पूरे भारत में आम का विशेष महत्व है, और यह गर्मियों का सबसे प्रतीक्षित फल माना जाता है। यह फल बूढ़े जवान बुजुर्ग हर किसी को पसंद है। आम न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इस तस्वीर में जो आम दिखाई दे रहे हैं, मल्लिका वैरायटी का है। इन आमों का सुनहरा रंग, हलकी हलकी हरियाली एवं पीलापन के साथ उनकी प्राकृतिक ताजगी को दर्शाता है। आम के फायदे अनेक है। यह विटामिन A, C और E से भरपूर होता है इम्युनिटी को बढ़ाता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है भारत में कई प्रकार के आम पाए जाते हैं, जैसे दशहरी, लंगड़ा, अलफांसो, केसर, चौसा आदि। हर किस्म का आम अपने खास स्वाद और सुगंध के लिए प्रसिद्ध है। हमारे क्षेत्र में तो यह आंटी अचार और मुरब्बा के लिए प्रसिद्ध है। आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गर्मियों की मिठास का हिस्सा है। इसका हर कौर मन को आनंद और तृप्ति से भर देता है। तो भला इनका शौक बड़े बुजुर्ग भी क्यों न रखें, कभी जमशेदपुर आपका आगमन हुआ तो यह दंपति का आम मुरब्बा जरूर चक सकते हैं।



