वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह देश की आत्मा की अभिव्यक्ति है: अशोक भारद्वाज
दैनिक समाज जागरण,( महेन्द्र जावला बहल )
भिवानी, 07 नवंबर। सामाजिक संस्था नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति एवं सदाचारी शिक्षा समिति के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वंदे मातरम् दिवस महोत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रिय नारे जय हिंद के उद्घोष के साथ किया गया। इस अवसर पर निदेशक सावित्री यादव एवं भारत सरकार से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अशोक कुमार भारद्वाज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संस्था द्वारा 7 नवंबर से 26 नवम्बर तक राष्ट्र गीत वन्देमातरम का यश गान रहेगा।
राष्ट्र यश गान वंदे मातरम् महोत्सव के संयोजक संबोधन में अशोक कुमार भारद्वाज एवं निदेशक सावित्री यादव ने कहा कि वे पिछले 28 वर्षों से राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों, उनके जय हिंद नारे और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यह देखकर अत्यंत गर्व होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने वंदे मातरम् गीत को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान दिया है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है और इससे राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा मिली है।
उन्होंने आगे कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह देश की आत्मा की अभिव्यक्ति है जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में नई चेतना, जोश और आत्मबल भरा। यह गीत हमें हमारे कर्तव्यों, देश के प्रति समर्पण और एकता के महत्व का बोध कराता है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीतों , नारों व देश की एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया गया तथा सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, विद्यालय परिवार एवं नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और वंदे मातरम् दिवस को ऐतिहासिक रूप में मनाने के इस प्रयास की सराहना की।
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