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भगवान भास्कर के नगरी देव का मानता हैं कि यहाँ जो भी श्रद्धालु मन्नत लेकर आते हैं, वह खाली हाथ नहीं जाते हैं।



दैनिक समाज जागरण, अनिल कुमार मिश्र,ब्यूरो चीफ/वीरेंद्र यादव जिला संवाददात्ता औरंगाबाद (बिहार)

औरंगाबाद (बिहार) 29 अक्टूबर 2022:- भगवान भास्कर के नगरी देव में चार दिवसीय आस्था के महापर्व “कार्तिक छठ” को लेकर श्रद्धालुओं को आगमन नहाए खाए के दिन से ही जारी है।लखगभ 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं को भग्वान भास्कर के नगरी में पधारनें की उम्मीदें हैं, संख्या बढ़ भी सकते हैं। बताते चलें कि भगवान भास्कर के नगरी देव का मानता हैं कि यहाँ जो भी श्रद्धालु मन्नत लेकर आते हैं। वह खाली हाथ नहीं जाते हैं और उनके मनोकामना पूरी होती है। यहां किसी एक राज्य का नहीं विभिन्न प्रांतों , देश के कोने कोने से श्रद्धालु आते हैं और कुष्ठ निवारण तालाब में डुबकी लगाकर भगवान सूर्य का अर्ध अर्पित करते हैं। कोरोना काल के पश्चात दो वर्षो के बाद इस बार एक बार फिर से भगवान भास्कर के नगरी भक्तिमय हो गया है।


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