मधेपुरा।
भूपेंद्र नारायण मंडल सच्चे समाजवादी थे। उन्होंने समाजवाद को अपने विचारों एवं कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई प्रदान कीं।
यह बात प्रधानाचार्य डॉ. कैलाश प्रसाद यादव ने कही। वे बुधवार को महामना भूपेंद्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र बाबू मनसा, वाचा व कर्मना तीनों तरह से समाजवादी थे। उनका समाजवाद झोपड़ी एवं बैलगाड़ी से निकला है। वे सेवा एवं सदाचार की प्रतिमूर्ति थे।
विकास के लिए संघर्षरत रहे भूपेंद्र
अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार अरिमर्दन ने कहा कि भूपेंद्र बाबू जीवनभर कोसी-सीमांचल के समग्र विकास के लिए संघर्षरत रहे। लेकिन दुख की बात है कि उनके निधनोपरांत उनके विजन एवं मिशन को पूरा करने का सार्थक प्रयास नहीं हो रहा है। अतः आज सबसे बड़ी जरूरत है और उनके विचारों को नई पीढ़ी के बीच प्रचारित-प्रसारित किया जाए।
दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा कि भूपेंद्र बाबू बाबू शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मानते थे। इसलिए उन्होंने कई शिक्षण संस्थानों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
इसके पूर्व सभी उपस्थित लोगों ने भूपेंद्र बाबू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी शुभ-स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर रसायनशास्त्र विभाग के सेवानिवृत शिक्षक डॉ. ए. के. मल्लिक, गणित विभागाध्यक्ष ले. गुड्डु कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर संजीव कुमार सुमन, लेखापाल अर्जुन साह, पीटीआई नंदन कुमार भारती, प्रणव कुमार बाबूल, मणीष कुमार, सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।
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