समाज जागरण संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ बिहार में भूमि सर्वेक्षण का काम चल रहा है। हालांकि, जमीन के सर्वे में रैयतों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रैयतों के गुस्से को भांपते हुए राज्य सरकार ने जमीन सर्वे को लेकर कागजात जमा करने की अवधि तीन महीने बढ़ाने का निर्णय लिया है। इधर, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के समाहर्ता( DM) से कहा है कि छह प्रकार के जमीन से संबंधित पूरी जानकारी 31 अक्टूबर से पहले बंदोबस्त कार्यालय में जमा करा दें। बिहार के सभी जिलों के समाहर्ता( DM) को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यक्रम के तहत अंचल, भूमि सुधार उपसमाहर्ता कार्यालय तथा जिला स्तरीय कार्यालय से सरकारी एवं अन्य प्रकार की भूमि की विवरणी बंदोबस्त कार्यालय में उपलब्ध कराएं। अंचल कार्यालयों से भूमि से संबंधित छह तरह की जानकारी मांगी गई है। जिसमें गैरमजरूआ आम, गैर मजरूआ मलिक, कैसर-ए-हिंद की सूची. इसके अलावे बंदोबस्त भूमि की सूची मांगी गई है। प्रश्रय प्राप्त रैयतों की भी सूची मांगी गई है। चौथे नंबर पर भू हदबंदी अधिनियम के तहत अधिशेष अर्जित भूमि की विवरणी, क्रय नीति के तहत सुयोग्य श्रेणी के लिए क्रय की गई भूमि की जानकारी और भूदान से वितरित भूमि की सूची प्रोफार्मा में भरकर भेजना है। वहीं भूमि उप समाहर्ता भूदान से वितरित भूमि की सूची समाहर्ता के माध्यम से जिला बंदोबस्त कार्यालय को भेजेंगे. जिला भू अर्जन पदाधिकारी अधिग्रहित भूमि की सूची भेजेंगे। अपर समाहर्ता भू हद़बंदी अधिनियम अधिशेष अर्जित भूमि की सूची देंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने पूरी जानकारी जिला बंदोबस्त कार्यालय को हर हाल में 31 अक्टूबर 2024 से पहले उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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