दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार)बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल की है। अब राज्य के सभी सरकारी पदाधिकारी और कर्मी हर तीन माह में एक बार 2 दिन के लिए सपरिवार पर्यटन पर जाएंगे। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी विभागों को पत्र जारी किया है।जारी आदेश के अनुसार सभी सरकारी पदाधिकारी/कर्मी हर तीन माह में एक बार 2 दिन यानी दो रात्रि के लिए राज्य की सीमा के अंदर किसी भी जिले में पर्यटकीय, ईको पर्यटकीय या ग्रामीण पर्यटकीय स्थलों पर प्रवास करेंगे। शर्त यह है कि वे अपने गृह जिले को छोड़कर अन्य जिले में जाएंगे। प्रवास के दौरान शुक्रवार और शनिवार को इन स्थलों पर रात्रि विश्राम करना अनिवार्य होगा। इस दौरान वे आसपास के कम से कम 3 स्थलों का भ्रमण करेंगे।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस भ्रमण के दौरान कोई भी पदाधिकारी सरकारी कार्यों के उद्देश्य से समीक्षा बैठक या स्थल निरीक्षण नहीं करेंगे। यह दौरा पूरी तरह पर्यटन विकास के लिए सुझाव जुटाने के मकसद से होगा।
भ्रमण के बाद सभी पदाधिकारियों को पर्यटकीय स्थलों के फोटोग्राफ, स्थल से जुड़ी जानकारी और अपने अनुभव का समेकित प्रतिवेदन अपने जिला के डीएम को सौंपना होगा। प्रमंडल और सचिवालय स्तर के पदाधिकारी क्रमशः प्रमंडलीय आयुक्त और अपने विभाग में रिपोर्ट देंगे।पर्यटन विभाग, डीएम और वन प्रमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे पर्यटकीय क्षेत्रों में होम-स्टे विकसित करने के लिए काम करें। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटकों को स्थानीय भोजन, संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव मिल सकेगा।सरकार ने स्पष्ट किया है कि उक्त पर्यटकीय प्रवास की अवधि कर्तव्य पर बिताई गई अवधि मानी जाएगी। सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी गेस्ट हाउस और प्राइवेट होटलों से संपर्क कर ठहरने व खाने की व्यवस्था की समीक्षा करें।



