दैनिक समाज जागरण/पटना डेस्क
शिक्षक नियमावली का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले शिक्षकों पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा कारवाई करने से संबंधित 30 जून को पत्र जारी करने से शिक्षकों में आक्रोश है.
Bihar माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने पुरजोर विरोध किया है.
डॉ. राय ने Saturday को कहा है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार पर हमला है. भारतीय संविधान के अनुसूची-19 के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक को सरकार द्वारा अपने विरूद्ध हो रहे मौलिक अधिकार के हनन के प्रतिकार का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. बिना हथियार के कोई भी व्यक्ति या संस्था बैठक कर सकता है प्रदर्शन कर सकता है और अन्य अहिंसक तरीके को अपना सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्क्षों को डरा धमका कर उसके मौलिक अधिकार को नहीं छीना जा सकता है. Bihar माध्यमिक शिक्षक संघ का विश्वास शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन में रहा है और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अमोघ अस्त्र अहिंसा एवं सत्याग्रह की तरह ही आंदोलन करते हैं. Bihar सरकार अविलंब इस आदेश के साथ पूर्व में भी निर्गत गैर संवैधानिक निर्णयों को वापस ले।
डॉ. सुरेश राय, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उमानंद चौधरी एवं सचिव रंजीत कुमार आज Patna में अपने अधिकारों की अहिंसक तरीके से मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज निंदा की है. शिक्षक नेताओं ने Bihar सरकार को आगाह किया कि अपने तानाशाही प्रवृत्ति से बाज आएं, नहीं तो 1974 जैसा आंदोलन Bihar में होगा. जिसकी सारी जवाबदेही Bihar के महागठबंधन सरकार की होगी।
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