अभय कुमार पटेल/ समाज जागरण
सोनभद्र। जनपद के रावर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत सुकृत में बिजली की चपेट में आने से मंजू देवी (उम्र लगभग 45 वर्ष) पत्नी राजू प्रजापति की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मृत्य मंजू देवी कपड़ा धोकर सुखाने के लिए घर के पास खेत की सुरक्षा के लिए घेरे हुए कंटिले तार पर गीले कपड़े फ़ैलाने लगी। लेकिन उस तार में पहले से ही करंट दौड़ रहा था। कपड़ा डालते ही महिला भी बिजली करंट के चपेट में आ गई। वहीं परिजनों व पड़ोसियों ने डोंगिया फीटर पर तैनात जेई पर लापरवाही का आरोप लगाया क्योंकि मिली जानकारी के मुताबिक पहले लोग बिजली कटवाने के लिए जेई सुशील जी को कई फोन लगाये लेकिन वे फोन रिसीव नहीं किए और तबतक महिला बिजली की चपेट में ही पड़ी रही। लोग बहुत प्रयास किए महिला को छुड़ाने के लिए लेकिन बारिश होने के कारण बिजली का करंट का प्रभाव बहुत दूर तक फैला हुआ था, जिससे लोग भी लाचार हो गये।
तत्पश्चात एक दूसरे की मदद लेते हुए किसी तरह परिजनों ने क्षेत्रीय लाइनमैन के द्वारा पावरहाउस पर सुचना दिए तब जाकर बिजली काटा गया। लेकिन जबतक बिजली कटी तबतक बहुत देर हो चुकी थी। लेकिन वहीं परिजनों का आरोप है कि जब घर का बिजली तार पहले से ही काट दिया गया था तो वहां कंटीले तार के घेरे पर बिजली करंट का प्रभाव कैसे था ? बिजली कटने के बाद लोगों ने निजी साधन द्वारा महिला का इलाज करने के लिए बहुत भागदौड़ किए लेकिन बहुत देर तक करंट की चपेट में रहने से महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी थी।

वहीं घटना के बाद सुकृत पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भर कर परिजनों को सौंप दिया गया। अब देखना यह है कि किस तरह से बिजली विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच करता है ? जेई पर लगे आरोपों पर उच्च अधिकारीयों की क्या रवैया रहता है ? इसपर कोई जांच बैठती है या पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है ? खैर जो भी लेकिन आज एक महिला की मौत ने लाखों कंज्यूमरों को डर के साये में डाल दिया है, एक परिवार को पूरी तरह से बिखेर दिया है।
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