
पटौदी/सुरेश कोहली : अक्सर आए दिन कोई न कोई खबर देश के किसी भी कोने से दहेज मामले को लेकर सुर्खियों में बनी ही रहती है। लेकिन आपको बता दें की हम बात कर रहे है महाराष्ट्र के जिला जलगांव से संबंध रखने वाली एडवोकेट स्मिता कोहली की जिन्होंने बिना दहेज के शादी कर भारतीय महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है। आपको बता दें की अपनी मेहनत और आत्मा विश्वास के दम पर झंडे गाड़ने वाली मूलरूप से महाराष्ट्र के जिला जलगांव से ताल्लुक रखने वाली क्राइम एडवोकेट व जूडो-कराटे में गोल्ड मैडल हासिल करने वाली स्मिता कोहली ने ऑल इंडिया ओपन कराटे चैंपियनशिप में कई मैडल देश व समाज को समर्पित किए है। आपको बता दें की एडवोकेट स्मिता कोहली एक अच्छी वकील होने के साथ -साथ जूडो -कराटे की अच्छी खिलाड़ी भी है।जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में उन्होंने ओपन कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उपलब्धि अपने नाम की। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया की वे शुरू से ही जूडे -कराटे की शौकीन रही है। उन्होंने बताया की आज के समय में खासतौर से लड़कियों के लिए अपनी बहुत ही जरूरी है। जो की लड़कियों को अपनी आत्मरक्षा के लिए अवश्य ही सीखना चाहिए। ताकि भविष्य में उनके साथ कुछ गलत न हो। उन्होंने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा की उन्हें चाहिए की वे जितना हो सके बिना दहेज के ही शादी करें क्योंकि दहेज समाज में इस दीमक का काम कर रहा है जो धीरे -धीरे दोनो परिवार के बीच दूरी को बढ़ा रहा है। इसलिए दहेज लेने और दहेज देने दोनो से ही हमें बचना चाहिए। उन्होंने बताया की सामाजिक कार्यों के लिए महाराष्ट्र के एक संगठन ने उन्हें त्रमूर्ति सम्मान देकर सम्मानित किया है। इसी कड़ी में उन्हें प्रदेश स्तर पर स्व.दादासी एल. एल. बेड़ाके स्मृति सम्मान से भी नवाजा गया है। वही, संजीवनी स्पोर्ट्स एसोसिएशन जिला जलगांव स्तर पर उन्हें बाला साहेब ठाकरे सम्मान देकर भी सम्मानित किया जा चुका है। एडवोकेट स्मिता कोहली ने बताया की जिला जलगांव कोर्ट में बार एसोसिएशन में भी सहसचिव के पद पर भी कार्य कर चुकी है। वही अखिल भारतीय कोली समाज महाराष्ट्र की प्रदेश कार्यकारिणी की तरफ से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया की उन्होंने बहुत से सामाजिक संस्था,संगठन से जुड़कर महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किए है और अभी कर भी रही है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया की उनके परिवार में सभी भाई – बहन शिक्षित है और देश के अलग -अलग शहरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया की उनके माता -पिता बहुत ही मिलनसार थे। उन्होंने बताया की उनका बड़ा भाई भारतीय रेलवे में चीफ इंजीनियर है। दूसरा भाई डॉ. संदीप कोली महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले में शिक्षा विभाग में अधिकारी है। उन्होंने बताया की उनका एक भाई आईपीएस भी है जो मुंबई में डीसीपी क्राइम के पद पर तैनात है। वही एक रजिस्ट्रार, तीन सरकारी वकील, व सरकारी टीचर भी है। उन्होंने थोड़ा भावुक होते हुए बताया की करोना काल में उनकी मां का देहांत हो जाने के कारण उनको बहुत बड़ी क्षति हुई है। उनके पिता जलगांव के सरकारी अस्पताल में मलेरिया सुपरवाइजर थे। जो अब इस दुनिया में नही है। उन्होंने बताया की उनकी बचपन की दोस्त रही प्रतिभा पाटिल बहुत ही मिलनसार व शांत स्वभाव की वकील है और सामाजिक कार्यों में उन्होंने साथ ही कार्य किया है। आपको बता दें की एडवोकेट स्मिता कोहली ने फरवरी वर्ष 2021 को हरियाणा के गुरुग्राम जिले की पटौदी तहसील के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव मुमताजपुर (नया गांव) से संबंध रखने वाले पेशे से पत्रकार व लेखक सुरेश कोहली से बिना दहेज शादी करके एक मिशाल पेश की है। जोकि आज के समय और समाज दोनो के लिए यह संदेश बहुत ही महत्व रखता है।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



