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बिरजापुर मॉडल आंगनवाड़ी निर्माण में गाइडलाइन उल्लंघन का आरोप, घटिया सामग्री पर स्थानीयों में नाराज़गी




श्रीभूमि, दैनिक समाज जागरण।
श्रीभूमि जिले के अंतर्गत रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के बिरजापुर मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण में घटिया और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है।



स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आंगनवाड़ी भवन के लिए लगभग 25 लाख रुपये का सरकारी आवंटन किया गया था। लेकिन आरोप है कि इंजीनियर द्वारा फाउंडेशन से लेकर अन्य हिस्सों में ब्रोकन चिप्स के बजाय रेत और मिट्टी मिले हुए निम्न गुणवत्ता वाले पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में नदी की मिट्टी और रेत की मिलावट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।



इसके अलावा, यह भी आरोप है कि निर्माण स्थल पर उचित पानी की व्यवस्था नहीं की गई और कई बार बिना पत्थरों को धोए ही काम किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।



सूत्र बताते हैं कि यह कार्य इंजीनियर बाणीब्रत चक्रवर्ती की देखरेख में चल रहा है। कुछ समय पहले किशोरीपुर गाँव में कम्यूनिटी हॉल निर्माण से जुड़े विवाद में भी चक्रवर्ती का नाम सामने आया था, जहाँ उन्होंने कहा था कि स्थानीय निर्माण समिति उनके निर्देशों की अवहेलना कर रही थी। लेकिन वर्तमान मामले में ग्रामीणों का कहना है कि इंजीनियर स्वयं निर्माण कार्य में सीधे तौर पर शामिल हैं, फिर भी गुणवत्ता संबंधी दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।



निर्माण स्थल पर शिलान्यास के दौरान लगाए गए अस्थायी सूचना पट्टों के गायब होने से भी लोगों के बीच संदेह गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि “मूल निर्माण अनुमान” की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।



स्थानीय जागरूक नागरिकों ने इस पूरे प्रकरण की विधिक जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और शिक्षा मंत्री रनोज़ पेगू का ध्यान आकृष्ट किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकारी धन की बर्बादी और बढ़ती निर्माण अनियमितताओं पर रोक लगाना कठिन हो जाएगा।

ग्रामीणों ने सरकार तथा विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया है कि निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और जो भी दोषी हों, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँ।


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