प्रतिबंध के बाद भी क्षेत्र में खुलेआम हो रहे बोर खनन कार्य
उमरिया जिला मुख्यालय सहित मानपुर विधानसभा क्षेत्र में पड रही भीषण गर्मी के कारण लगातार वाटर लेवल नीचे की ओर खिसक रहा है ऊपर से क्षेत्र में इन दिनो बोर खनन माफिया पूरी तरह से सक्रिय होकर मोटी कमाई के चक्कर में लगातार बोर खनन कार्य को अंजाम देने में तुले हुए है। जिस कारण जिला कलेक्टर द्वारा विगत दिनो एक फरमान जारी करते हुए क्षेत्र में बोर खनन कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसके बाद भी बोर खनन माफिया मानने को तैयार नहीं हैं बल्कि मनमानी पर उतारु हैं। उनका मानना है की गर्मी के सीजन में खेत खलिहान पूरी तरह से खाली रहते हैं और भारी भरकम गाडियां खेतों में जहां चाहें वहां बड़ी आसानी से पहुंच जाती हैं। इतना ही नही इन दिनो किसान के पास पैसों की कमी नही रहती जिस कारण बोर खनन कार्य के लिए यह सीजन अच्छा माना जाता है यहां तक की किसान अपने खेतों में गर्मी के सीजन में ही बोर कराते हैं और मन मुताबिक मांगे गए रुपए भी देते हैं।
पेयजल की बन रही समस्या
बताया जाता है कि क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से जारी नलकूप खनन से पेयजल की विकराल समस्या उत्पन्न हो रही है। भीषण गर्मी में गिरते जलस्तर और जगह जगह किये जा रहे नलकूप खनन(बोर) से तेजी के साथ पानी की समस्या उत्पन्न हो रही है। आलम ये है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी से हैंड पंप पानी की जगह हवा उगलने लगे है लोगो को पीने के लिए पानी नल जल योजना के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाया जा रहा है
कलेक्टर के आदेश की हो रही अवहेलना
सूत्रों की माने तो जिला कलेक्टर द्वारा क्षेत्र में बोर खनन कार्य पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने के बाद क्षेत्र में इन दिनो जहां देखो वहीं भारी भरकम बोर खनन कार्य की मशीनें और अधिक देखने को मिल रही हैं। गर्मी की शुरुआत होते ही उक्त कार्य में संलिप्त जनो का जन संपर्क ज्यादातर ग्रामीण अंचलों में बना ही रहता है। संबंधित लोगों की पहुंच व पकड़ नीचे से ऊपर तक होने की बात बता कर जंगल की भूमि हो या राजस्व की हर जगह बेहिचक बोर खनन कार्य को अंजाम दे दिया जाता है। ऐसा भी नहीं है की शासन प्रशासन को उक्त कार्य की जानकारी न हो बल्कि सब कुछ जानते हुए भी इस प्रतिबंधित कार्य में संलिप्त जनों पर कार्यवाही के बजाय इन्हे खुला संरक्षण देने की सुगबुगाहट इन दिनो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधिक्षक महोदय से जनापेक्षा है की संबंधित मामले को गंभीरता से लिया जाय साथ ही बोर खनन कार्य पर प्रतिबंध लगाये जाने का अगर फरमान जारी किया गया है तो उसका पालन भी कड़ाई से कराया जाए और आदेश का पालन न करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को कायम रखा जा सके अन्यथा अवैध कार्यों में संलिप्त माफिया जिला कलेक्टर का आदेश भी मानने को तैयार नहीं हैं और अपने मन मुताबिक कार्य करते हुए अवैध तरीके से मोटी कमाई करने में मशगुल हैं अब देखना यह होगा की इन बोर खनन माफियाओं पर कार्यवाही होती है या फिर जैसे चल रहा है आगे भी सब कुछ ऐसे ही चलता रहेगा
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