दि पुर्णियाँ डिस्ट्रीक सेन्ट्रल को-ऑपेरटिव बैंक लि० अररिया शाखा में विशेष शिविर आयोजित
07 सितंबर से 07 अक्टूबर 2024 तक सभी पैक्सों में खाता खोलने और योजनाओं के प्रचार के लिए किया जाएगा कैम्प का आयोजन
अररिया/डा. रूद्र किंकर वर्मा।
सहकारिता विभाग के निर्देश पर 07 सितंबर से 07 अक्टूबर 2024 तक सभी पैक्सों में खाता खोलने और योजनाओं के प्रचार के लिए कैम्प आयोजित किया जाएगा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए पैक्सों में खाता खोलवाने को लेकर अभियान की शुरुआत हो गई है
उक्त बात दि पुर्णियाँ डिस्ट्रीक सेन्ट्रल को-ऑपेरटिव बैंक लि० शाखा अररिया में आयोजित विशेष शिविर का शुभारम्भ फीता काटकर करते हुए बैंक के अध्यक्ष जनाब अली रेजा ने कही।
उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग के निर्देश के आलोक में आमजन की सुविधा के लिए जिले में को-ऑपरेटिव बैंक से संबद्ध सभी पैक्सों में खाता खोलवाने व विभागीय योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए 07 सितंबर से 07 अक्टूबर 2024 तक कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारीगण का भी सहकारी बैंक में खाता खोला जाना है। पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक, सहकारिता प्रसार अधिकारी एवं कार्यपालक सहायक के माध्यम से भी शिविर में शामिल होकर सहकारिता बैंक में अपना खाता खोलवाकर अररिया सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में राशि जमा एवं अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस मौके पर शाखा प्रबंधक अविनाश रंजन प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार एवम पैक्स से जुड़े अन्य वक्ताओं ने भी ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और बचत खाता खोलने/जमा साक्षरता के लिए विशेष शिविर में अपनी अपनी बातें रखी।
शिविर के उद्घाटन के अवसर पर अध्यक्ष अली रेजा ने अपने संबोधन में ग्रामीणों को बधाई दी और बताया कि इस प्रकार के शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को बैंकिंग सेवाओं और सहकारी योजनाओं के लाभ के बारे में सूचित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं, बचत खाता खोलें और जमा साक्षरता को समझें, जिससे उनके वित्तीय भविष्य को सुदृढ़ बनाया जा सके।
शिविर में विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई, साथ ही बचत खातों और अन्य वित्तीय सेवाओं के लाभ पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, उपस्थित लोगों को यह भी बताया गया कि कैसे वे बैंकिंग सेवाओं का सही तरीके से उपयोग कर सकते हैं और किस प्रकार की वित्तीय योजनाओं में निवेश करके वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सकते हैं।
इस विशेष शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को वित्तीय समावेशन की ओर प्रेरित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपनी आर्थिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चला सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
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