दैनिक समाज जागरण/सुधांशू रंजन/ब्यूरो चीफ पटना
सरकार छात्रों को पढ़ने के लिए हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है. किसी बच्चे की पढ़ाई पैसे की कमी के कारण न रूके, इसके लिए राज्य सरकार के द्वारा विभिन्न सरकारी छात्रवृति योजना भी चला रही है.
बिहार में पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के ऐसे परिवार जिनकी आय केवल तीन लाख या उससे कम है. ऐसे परिवार के मेधावी बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और कानून आदि पढ़ाई करने के लिए सरकार के द्वारा एक लाख से लेकर चार लाख तक की वार्षिक छात्रवृति दी जा रही है.
इसी सत्र से बच्चों को मिलेगा लाभ
बिहार सरकार के द्वारा पोस्ट मैट्रिक इस नयी छात्रवृति योजना का लाभ बच्चों को इसी सत्र से मिलेगा. इय योजना के तहत, मान्यता प्राप्त गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की अपेक्षा सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को योजना का लाभ देने में प्राथमिकता दी जाएगी. योजना का लाभ बिहार के अंदर स्थापित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (पटना), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (पटना), राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थान (पटना), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स, पटना), केंद्रीय कृषि संस्थान और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (पटना), भारतीय प्रबंधन संस्थान (बोधगया), चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, एलएनएम आर्थिक विकास व सामाजिक परिवर्तन संस्थान समेत अन्य संस्थानों में नामांकन लेने वाले छात्रों को मिलेगा.
क्या चाहिए योग्यता
छात्रवृति योजना का लाभ लेने वाले छात्रों को बिहार का नागरिक होना जरूरी है. लाभुक को अतिपिछड़ा वर्ग अथवा पिछड़ा वर्ग का होना चाहिए. साथ ही, माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदन करने के लिए आय प्रमाण पत्र, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र का होना जरूरी है.
कितना मिलेगा पैसा
बिहार के सरकारी प्रबंधन संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को 75 हजार रुपये, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान व अन्य-4 लाख रुपये, आईआईटी-2 लाख रुपये, एनआईटी-1.25 लाख रुपये, मेडिकल, एग्रीकल्चर व फैशन टेक्नोलाजी-1.25 लाख रुपये, कानून पाठ्यक्रम-1.25 लाख रुपये, इसके अतिरिक्त सामान्य पाठ्यक्रम में भी नामांकन कराने वाले छात्रों को सरकार की तरफ से राशि दी जाएगी.

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