समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ पटना जंक्शन पर एक महिला का ढाई साल का बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में गायब हो गया है, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह घटना प्लेटफॉर्म संख्या 10 के पास स्थित टिकट घर के निकट हुई, जहां सीतामढ़ी की रहने वाली महिला अपने बच्चे के साथ बैठी हुई थी। मामले को लेकर रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस जांच में जुट गई है। पीड़िता की पहचान सीतामढ़ी जिले के मालीपुर पखरी निवासी जितेंद्र कुमार की पत्नी राधा देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार राधा देवी अपने ढाई साल के बेटे सोनू को लेकर गांव जाने के लिए पटना जंक्शन आई थीं। टिकट घर के पास वह बेटे के साथ बैठी हुई थी, तभी यह घटना हुई। महिला ने बताया कि तभी एक 40 से 42 साल की उम्र का मोटे शरीर वाला लंबा आदमी वहां आया और बच्चे को दुलारने लगा। महिला उस दौरान अपने पति से बात करने के लिए किसी से मोबाइल फोन मांग रही थी। उसी बीच वह व्यक्ति मौका देखकर बच्चे को लेकर गायब हो गया। कुछ देर तक महिला को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। फिर उसने प्लेटफॉर्म, रेल परिसर और करबिगहिया की ओर जाकर बच्चे को खोजने की कोशिश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।घटना के बाद महिला ने रेल थाने जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर रेल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, जिसमें वह संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को ले जाते हुए नजर आ रहा है। रेल एसपी एएस ठाकुर ने मामले में एक अहम जानकारी देते हुए बताया कि महिला अपने पति से झगड़ा करके पटना आई थी। स्टेशन पर आने के बाद वह संदिग्ध व्यक्ति से दो से तीन घंटे तक बातचीत करती रही थी। प्राथमिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि महिला और आरोपी के बीच पहले से कोई जान-पहचान हो सकती है। हालांकि यह बात अभी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। रेल पुलिस ने इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। टीम स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है। बच्चा किस दिशा में ले जाया गया, इसके लिए सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। यह घटना उस वक्त हुई जब पटना जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी की ओर से सघन निगरानी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। बावजूद इसके, इतनी बड़ी घटना का हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्टेशन पर लगे खुफिया कैमरों के बावजूद बच्चा चोरी होना चिंताजनक है। मासूम सोनू की गुमशुदगी ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। पीड़िता का कहना है कि उसने कभी सोचा नहीं था कि स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले सुरक्षित स्थान पर उसके साथ ऐसी घटना हो सकती है। परिजन ने पुलिस से जल्द बच्चे को बरामद करने की अपील की है।
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