पौआखाली मध्य विद्यालय में छात्राओं से कराई जा रही सफाई, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर उठे गंभीर प्रश्न
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
2 अगस्त। ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत पौआखाली थाना क्षेत्र के नगर पंचायत पौआखाली स्थित मध्य विद्यालय पौआखाली में सफाई व्यवस्था की बदहाली उजागर हुई है। विद्यालय परिसर में नियमित सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे दुर्गंध फैलने के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जो विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गया है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीना कुमारी ने बताया कि विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने के कारण कई बार मजबूरी में बच्चों से परिसर की सफाई करानी पड़ती है। वहीं शौचालय एवं बाथरूम की सफाई निजी खर्च से कराई जाती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार बैठकों और लिखित आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
मामले को और गंभीर बनाता है निरीक्षण के दौरान सामने आया वीडियो, जिसमें एक छात्रा झाड़ू लगाकर विद्यालय परिसर की सफाई करती दिखाई दे रही है। बताया गया कि सफाई कार्य में लगाए जाने के कारण वह प्रार्थना सभा और परेड में भी शामिल नहीं हो सकी। वहीं कुछ अन्य छात्र कचरा संग्रहण वाले कंटेनर को स्वयं खींचते हुए भी नजर आए। यह दृश्य विद्यालयों में बच्चों से श्रम कराए जाने और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस संबंध में ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल ने कहा कि यदि विद्यालय में इस प्रकार की लापरवाही हो रही है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और नगर पंचायत से मांग की है कि विद्यालय में नियमित सफाई व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि बच्चों से सफाई कार्य कराना उचित नहीं है और विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित तथा गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उठ रहे प्रमुख सवाल
जब विद्यालय की सफाई की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है, तो नियमित सफाई क्यों नहीं हो रही?
अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ?
बच्चों से झाड़ू लगवाने और कचरा ढुलवाने की नौबत क्यों आई?
यदि विद्यालय में बच्चों से सफाई कार्य कराया जा रहा है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
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