ढोलरसरपंच, सचिव, उपयंत्री की कार्यशैली पर लगा प्रश्नचिन्ह
विजय तिवारी
शहडोल,। जिले के जयसिंहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत ढोलर से एक मामला प्रकाश में आया है। प्राथमिक शाला डुमरटोला में 8 महीने बाद आनन् फानन में बॉउंड्री वाल का निर्माण कार्य तेज गति से शुरू किया गया है
क्या है मामला
प्राप्त जनकारी के अनुसार जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत ढोलर में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना से वर्ष 2025 में शासकीय प्राथमिक शाला दूमरटोला में बॉउंडीवाल स्वीकृत हुई थी. जिसके निर्माण की कुल लागत लगभग 11 लाख 75 हजार रूपये थी। गौरतलब है की शिक्षा क्षेत्र में विकास कार्य की दृष्टि से स्पीकृत हुए बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य के लिए तकनीकी स्वीकृत 03 मई 2023 एवं प्रशासकीय स्वीकृत 21 जून 2023 को मिल गई थी। 11 लाख 75 हजार की लागत से होने वाले निर्माण में जहां 9 लाख 98 हजार 750 का व्यय निर्माण सामग्री के लिए वही 1 लाख 76 हजार 250 रूपये का व्यय मजदूरी कार्यके लिए निधर्धारित किया गया था। प्रशासकीय स्वीकृत के बाद निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत ढोलर के द्वारा सितम्बर 2023 में 1 लाख 63 हजार 966 रूपये की राशि को पंचायत के खाते से आहरित भी कर लिया गया था जिसके आहरण में 375 बैग सीमेंट का क्रय करने का बिल लगाया गया था।
कैसे सज्ञान में आया मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 के सितम्बर माह में राशि के आहरण के बाद लगभग आठ माह बाद भी प्राथमिक शाला डुमरटोला में बॉडड्रीवाल के निर्माण की दिशा में निर्माण एजेंसी द्वारा कोई नहीं की गई। अब सवाल यह उठता है की जब सितम्बर 2023 में सीमेंट की खरीदी कर बड़ी राशि का आहरण ग्राम पंचायत ढोलर के आकाओं द्वारा कर लिया गया तो फिर आखिर किस कारण से जिसकी वजह से निर्माण कार्य की शुरुआत करने में इतना विलम्ब किया गया। आखिर क्यू उपयंत्री ने आनन फानन में ले आउट कराकर निर्माण की प्रक्रिया को स्पीड से बढ़ाया गया। सूत्र बताते हैं कि ग्राम पंचायत सरपंच को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और वह सत्ता पक्ष से भी जुड़ी हुई है।
सरपंच, सचिव, की
भूमिका संदेह के दायरे में
शासन ने शासकीय कार्यों के क्रियान्वयन के लिए व्यवस्थित ढांचा निधारित कर रखा है और इसी व्यावस्था के तहत ग्राम पंचायत में निर्माण कायों में एक तरफ जहां तकनीको मापदंडों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उपयंत्री की है ।अब जबकि ग्राम पंचायत डोलर कि निर्माण एजेंसी द्वारा पंचायत मंद से बाउंड्रीवाल कि राशि आठ माह पूर्व ही आहरित कर ली गई थी तो फिर निर्माण कार्य कराने में इतना विलम्ब किस वजह से किया गया जबकि स्पष्ट है कि सीमेंट काबिल लगाकर राशि को आहरित किया गया था तब सीमेंट का उपयोग ग्राम पंचायत ढोलर द्वाराकिस विकास कार्य में किया गया। क्या उपयंत्री और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को उक्त निर्माण और उससे जुड़े आहरण कि सूचना पिछले आठ महीने में कभी नहीं हुई या फिर ग्राम पंचायत ढोलर में विकास कार्य के नाम पर आहरित राशि का उपयोग जनपद पंचायत जयसिंहनगर और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों के द्वारा स्वयं के विकास में किया गया। आखिर ऐसे कौन से कारण थे जिसकी वजह से खबरों में मामला आने के बाद कोरम पूर्ति कि कार्यवाही के तहत तुरंत उपयंत्री ने निर्माण स्थल पर ले आउट कार्य करते हुए बॉउंड्रीवाल की सरंचना के निर्माण को शुरू किया। इस पुरे मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जयसिंहनगर, उपयंत्री, सचिव और सरपंच की कार्यशैली ने ग्राम पंचायत में हो रहे कायों को संदेह के दायरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
इस मामले में जांच समिति गठित की गई है जांच कर दोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अशोक मरावी सीईओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर
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