ब्यूरो चीफ सोनभद्र/ समाज जागरण
सोनभद्र। ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी टोला खैरटिया में नाली निर्माण में भारी भ्रष्टाचार, पानी का जमाव बना ग्रामीणों की जान का खतरा ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला खैरटिया में कराए गए नाली निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि निर्माण में मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे नाली सही ढंग से कार्य नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप नाली का पानी सड़कों व घरों के सामने जमा हो रहा है। ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला खैरटिया में नाली निर्माण में भ्रष्टाचार, पानी का जमाव बना 5 वर्षों से ग्रामीणों की जान पर बनता खतरा ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी के टोला खैरटिया में नाली निर्माण कार्य में हुई भारी अनियमितताओं का खामियाजा यहां के ग्रामीण पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार झेल रहे हैं।
नाली निर्माण के नाम पर किए गए कार्य में मानकों की खुली अनदेखी की गई, जिससे नालियां बेअसर साबित हो रही हैं और जगह-जगह गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिल्ली मारकुंडी के ग्राम प्रधान और चोपन विकास खंड के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना को खुला निमंत्रण दिया जा रहा है। जलजमाव के कारण रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे आए दिन गिरने और हादसे की आशंका बनी रहती है। पानी के लगातार जमाव से क्षेत्र में गंदगी फैल रही है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग कर केवल औपचारिकता के लिए नाली निर्माण कराया गया, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा नाली का दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि खैरटिया टोला में लगभग 3000 से अधिक परिवार निवास करते हैं, जो इस बदहाल व्यवस्था से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो नाली की मरम्मत कराई गई और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई हुई। इससे साफ जाहिर होता है कि नाली निर्माण में भ्रष्टाचार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और खैरटिया में नाली का पुनः गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।
पंचायत चुनाव अब चरण सीमा पर पहुंच चुका है, ऐसे में खैरटिया के ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि इस बार किस प्रधान को चुना जाए। पिछले पांच वर्षों से नाली निर्माण में भ्रष्टाचार, जलजमाव और प्रशासनिक उपेक्षा झेल रहे ग्रामीण अब अपने मताधिकार के जरिए जवाब देने की बात कर रहे हैं। आने वाला पंचायत चुनाव इस बात की परीक्षा होगा कि जनता विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देती है या फिर पुराने चेहरों पर फिर से भरोसा जताती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि खैरटिया के ग्रामीण इस बार किसे अपना प्रधान चुनते हैं।



