डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.70 करोड़ की ठगी करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार
गौतमबुद्धनगर, 29 नवंबर 2025: थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए उस साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने एक पीड़ित से डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा हुआ है, जो ऑनलाइन कॉलिंग, वर्चुअल पुलिस, वीडियो कॉल और इंटरनेशनल सर्वर नंबरों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगता था।

कैसे दिया जाता था धोखा?
जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके गैंग का तरीका कुछ इस प्रकार था:
- पीड़ित को कॉल कर बताया जाता कि उसके खिलाफ फेडरल क्राइम या मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है।
- इसके बाद उसे कहा जाता कि वह “डिजिटल अरेस्ट” में है और पुलिस से संपर्क में रहे।
- गैंग के सदस्य खुद को CBI, पुलिस अधिकारी, RBI अधिकारी या साइबर सेल अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते थे।
- डरकर पीड़ित उनकी बताई गई फर्जी अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर कर देता था।
डीसीपी साइबर की प्रतिक्रिया
इस मामले पर डीसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि लोगों को साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा:
“कोई भी सरकारी एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही फोन पर किसी प्रकार का जुर्माना या पैसे मांगती है। ऐसी कॉल आते ही तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।”
बरामदगी और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
- 03 मोबाइल फोन
- 06 बैंक अकाउंट डिटेल्स
- कई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड्स
- फर्जी सिम कार्ड व डिजिटल वॉलेट लॉगिन
बरामद किए हैं।
साइबर पुलिस टीम अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है, जिनके देश और विदेश में होने की आशंका है।
👉 आम जनता के लिए अलर्ट
- किसी भी कॉल, ईमेल या वीडियो कॉल में खुद को पुलिस, कोर्ट, RBI या CBI बताने वाला व्यक्ति 100% फर्जी होता है।
- किसी स्थिति में अपना OTP, बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर न करें।
🔹 शिकायत हेल्पलाइन: 1930
🔹 वेरिफिकेशन वेबसाइट: cybercrime.gov.in



