दैनिक समाज जागरण
ब्यूरो शमीम सिद्दीकी
जनपद बिजनौर
बिजनौर। जनपद में कृषि विज्ञान केंन्द्र के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग, गन्ना, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं सिंचाई विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा समन्वय स्थापित करते हुए विकास खण्ड कोतवाली के 09 ग्रामों यथा महमूदपुर भावता, करौन्दा चौधर, कालाखेडी, पुरैनी, सैदपुरी महिचन्द, जमालपुर बंगर, मौज्जमपुर हरवंश, महेश्वरी जट एवं खुरर्मपुर खड़क में तीन टीमों को गठन करते हुए गोष्ठियों का आयोजन करते हुए “विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025″ का शुभारम्भ किया गया। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025” अन्तर्गत आयोजित गोष्ठियों में गिरीश चन्द्र उप कृषि निदेशक, बिजनीर, डा० के० के० सिंह, कृषि वैज्ञानिक, डा० शिंवागी, डा० सुशील कुमार, जसवीर सिंह तेवतिया जिला कृषि अधिकारी, डा० पिन्टू कुमार, प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र डा० शकुन्तला गुप्ता, डा० नेमीचन्द, डा० भूपेन्द्र कुमार, डा० प्रतिमा गुप्ता, डा० सिद्धार्थ कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गिरीश चन्द्र उप कृषि निदेशक द्वारा ग्राम महमूदपुर भावता में आयोजित गोष्ठी में आये कृषकों को कृषि विभाग में चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी तथा खरीफ मौसम में उगायी जाने वाली प्रमुख फसलो से सम्बन्धित आधुनिक तकनीकों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों को जागरूक किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत ई०के० वाई०सी०, आधार सीडिंग एवं अन्य जानकारी दी गयी। डा० के०के० सिंह कृषि वैज्ञानिक द्वारा भी किसानों के बीच उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों जैसे बीज उपचार, जैव उर्वरकों का प्रयोग, उन्नत बुवाई पद्धतियों, आई०एन०एम०, आई०पी०एम०, संसाधन संरक्षण प्रौद्योगिकियों, उन्नत सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी गयी। डा० सुशील कुमार कृषि वैज्ञानिक द्वारा भी गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को पशुपालन के विषय में नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायी गयी। जसवीर सिंह तेवतिया जिला कृषि अधिकारी द्वारा ग्राम सैदपुरी महीचन्द में आयोजित गोष्ठी में आये कृषकों को कृषि विभाग में चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी तथा खरीफ मौसम में उगायी जाने वाली प्रमुख फसलो से सम्बन्धित आधुनिक तकनीकों एवं उन्नत कृषि पद्धतियों के वारे में किसानों को जागरूक किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत ई०के०वाई०सी०, आधार सीडिंग एवं अन्य जानकारी दी गयी। डा० पिन्टू कुमार कृषि वैज्ञानिक द्वारा भी किसानों के बीच उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों जैसे बीज उपचार, जैव उर्वरकों का प्रयोग, उन्नत बुवाई पद्धतियों, आई०एन०एम०, आई०पी०एम०, संसाधन संरक्षण प्रौद्योगिकियों, उन्नत सिंचाई पद्धतियों की जानकारी दी गयी। डा० नेमीचन्द कृषि वैज्ञानिक द्वारा भी गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को कृषि की नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायी गयी।
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