दिव्यांग महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर बनी कपड़ों की डाक्टर।

*आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निपुण महिलाएं बनेगी सशक्त।
समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी।
जनपद वाराणसी में दिब्यांग महिलाओं को आजीविका से जोड़ने की पहल अंतर्गत 36 महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान अहिरौली वाराणसी में गुजरात की मफतलाल फाउंडेशन की तरफ से उषा की इलेक्ट्रिक मशीन का वितरण उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह वाराणसी के द्वारा किया गया | इन सभी महिलाओं का एक माह का सिलाई प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान अहिरौली वाराणसी के माध्यम से कराया गया था |
सिलाई मशीन वितरण के अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त (स्वत: रोजगार) ने इन्हें आजीविका को बढ़ाने तथा अगले चरण में अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं का निफ्ट के माध्यम से स्किल प्रशिक्षण कराने हेतु विचार साझा किया | साथ ही महिलाओं को अपने दुकान, घर या सेंटर के बाहर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बोर्ड लगाने हेतु निर्देशित किया |
श्री सिंह ने कहा कि अब आप कपड़ों की डाक्टर हो गयी हैं, आपक गावं में जिसे जिस तरह की डिजायन कढ़ाई , साड़ी फाल पिको आदि की जरुरत हो, वैसी सुविधा दें | निदेशक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान अम्बरीश ने महिलाओं का आवाहन किया कि अपनी तरह की महिलाओं को प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण के लिए भेजें जिससे उन्हें भी अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिले और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में जुड़ सकें।
मफतलाल फाउंडेशन की श्रीमती किनारी देसाई ने अपनी संस्था की तरफ से आगे भी यह सहयोग जारी रखने एवं आने वाले समय में दिब्यांग पुरुषों हेतु भी इस तरफ के सहयोग को लाने हेतु विचार प्रस्तुत किया गया |
कार्यक्रम में जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह ने समूह की उपयोगिता एवं उससे होने वाले फायदों के बारे में बताया | इस अवसर पर विक्रम सिंह, रेखा केशरी, आशुतोष एवं अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं |

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