अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
अभय कुमार पटेल/ समाज जागरण
सोनभद्र। करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी द्वारिका धांगर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 40 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 26 जुलाई 2019 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर द्वारिका धरिकार पुत्र श्री राम धरिकार निवासी खैराही, थाना म्योरपुर, जिला सोनभद्र 16 जुलाई 2019 को रात्रि 8 बजे कहीं भगा ले गया। इस तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने 26 जुलाई 2019 को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान दुष्कर्म की धारा की बढोत्तरी हुई।पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने द्वारिका धरिकार के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी द्वारिका धरिकार (30) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 40 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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