गुजरात (एकता नगर)। आगामी एकता दिवस परेड के दौरान इस वर्ष एक विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा। इस बार परेड में सीमा सुरक्षा बल की एक विशेष टुकड़ी भाग लेगी, जिसमें केवल भारतीय नस्लों के श्वान शामिल होंगे। यह देश की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी गौरव का प्रतीक बनने जा रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस विशेष परेड में राजापालयम, मुड़होल हाउंड, हिमाचली गड्डी और कन्नी जैसी भारतीय नस्लों के प्रशिक्षित कुत्ते शामिल होंगे, जो अब देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान इन स्वदेशी श्वानों द्वारा एक डॉग ट्रेनिंग डेमोन्स्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें उनकी टैक्टिकल स्किल्स (tactical skills), सर्च ऑपरेशन क्षमता, और संवेदनशील परिस्थितियों में टीमवर्क का प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शन भारत की आत्मनिर्भर K9 फोर्स की ताकत और अनुशासन का जीवंत प्रतीक होगा।
सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नस्लों के कुत्ते अब न केवल आयातित नस्लों का विकल्प बन रहे हैं, बल्कि वे जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सक्षम और दृढ़ साबित हो रहे हैं।
बीएसएफ ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत अब श्वान दस्तों में विदेशी नस्लों की जगह स्वदेशी नस्लों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस वर्ष का एकता दिवस समारोह सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इस दौरान देश की एकता, अनुशासन और स्वदेशी ताकत का यह प्रदर्शन परेड का मुख्य आकर्षण बनेगा।



