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553 मामलों का निष्पादन, डेढ़ करोड़ से अधिक राशि पर हुआ समझौता

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
किशनगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने पीठासीन पदाधिकारियों से पक्षकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामलों का उदारतापूर्वक एवं विधिसम्मत निष्पादन करने की अपील की। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ओम शंकर ने पक्षकारों से शांतिपूर्ण तरीके से अपने मामलों के निष्पादन में सहयोग करने का आग्रह किया।


राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल आठ पीठों का गठन किया गया था, जिसमें न्यायिक पदाधिकारियों के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ताओं को गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था।


लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय के कुल 143 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 99 आपराधिक शमनीय मामले, एक प्ली बार्गेनिंग मामला, एक चेक बाउंस मामला, एक बाल मजदूरी मामला, 40 विद्युत विभाग के मामले तथा एक वैवाहिक विवाद का मामला शामिल था। चेक बाउंस मामले में 1.96 लाख रुपये तथा बाल मजदूरी मामले में 20 हजार रुपये जुर्माना की राशि निर्धारित की गई।


इसके अतिरिक्त बैंक ऋण से जुड़े 316 मामलों में कुल 1 करोड़ 43 लाख 69 हजार 832 रुपये की राशि पर समझौता हुआ। वहीं ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का निष्पादन शहीद अशफाकउल्लाह खां स्टेडियम, खगड़ा, किशनगंज में किया गया। इस दौरान नीरज किशोर सिंह, पीठासीन पदाधिकारी, विशेष न्यायाधीश, उत्पाद न्यायालय प्रथम, किशनगंज उपस्थित थे। ट्रैफिक चालान के 89 मामलों में 3 लाख 3 हजार 500 रुपये तथा टेलीफोन बिल के पांच मामलों में 5 हजार 507 रुपये की राशि पर समझौता कराया गया।


राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पक्षकारों की सुविधा के लिए न्यायालय परिसर में सहायता केंद्र बनाए गए थे तथा प्रत्येक पीठ में एक-एक अधिकार मित्र की प्रतिनियुक्ति की गई थी। आयोजन को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।


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