दैनिक समाज जागरण
अनिल कुमार मिश्र /अजय पाण्ड़ेय का संयुक्त रिपोर्ट
औरंगाबाद (बिहार ) 06 जुलाई 2022 : जिले के ओबरा प्रखंड़ का रतनपुरा पंचायत का एक तत्कालीन ग्रामीण आवास सहायक को चयन मुक्त की कार्रवाई का खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिलें के कुटुंबा प्रखंड का जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट रामपुकार सिंह ने कहा, कार्रवाई की बात तो दुर रही, औरंगाबाद जिले में जिला प्रशासन का औकाद नहीं हैं कि एक लुटेरे कर्मचारी के गीरवान में झांक ले । सभी साक्षयों एवं जांच रिपोर्ट में कृषि अनुदान की राशि का हेरा फेरी के तहत आपसी बंदरबाँट की रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारी को सुपुर्द करने के बावजूद भी 5 वर्षों में आरोपित कृषि समन्वयक परआज तक किसी तरह का कोई विधि सम्मत कार्रवाई नहीं हुआ महज चंद दिनों की तबादले के पश्चात पुनः पदस्थापित कर लूटने की आजादी दे दिया गया ,अगर यह कहा जाये कि जिला प्रशासन के संरक्षण में जिला कृषि फार्म की बीजों के चोरी का काम रिश्वत की बदौलत आरोपित कृषि समन्वयक को दे दिया गया तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी
जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए श्री सिंह ने कहाअगर जिला प्रशासन पदीय शक्ति के दुरुपयोग करने वाले पर कर्रवाई औरंगाबाद में होता है तो सबसे पहले जिले की कृषि फार्म कझपा में बिहार सरकार के करोड़ों रूपयें की बीजों की चोरी, बीज उत्पादन के नाम पर खाद बीज एवं सरकारी राशि का घोटाले के आरोपित कृषि समन्वयक को निर्दोष साबित कर जनमानस की बता दे। आखिर वह दोषी है गब़न – घोटाले के आरोपी पर करवाई क्यों नहीं होता है।
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