दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता। ( महेन्द्र जावला बहल )
बहल, 20 मार्च। बीआरसीएम शिक्षण समिति (बहल) के जीडीसी मेमोरियल महाविद्यालय द्वारा एम. के. चौधरी सेमिनार हॉल में कृषि विभाग द्वारा पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया । इस समारोह का आरंभ विधिवत रूप से विद्या की देवी मां सरस्वती के पूजन से हुआ। डॉ. सुनीता फौगाट ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। इस सम्मेलन का विषय मशरूम उत्पादन को बढ़ावा व उसके लिए खाद तैयार करना तथा उसका बीमारियों से बचाव करना रहा। इस प्रशिक्षण समारोह का समापन सत्र शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को हुआ।
इस सम्मेलन के समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. एन. के. यादव आरआरएस,बावल, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार रहे।
इस समारोह में बीआरसीएम शिक्षण संस्थान के निदेशक एवं जीडीसी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.के. सिन्हा ने कृषि विज्ञान के मशरूम उत्पादन क्षेत्र में नए रुझान और नवाचार पर चर्चा की। इस तरह के समारोह का मकसद लोगों के बीच मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के महत्व और इसके अनुप्रयोग का संदेश फैलाना रहा।
इस पांच दिवस की प्रशिक्षण समारोह में 84 से अधिक विद्यार्थियों ने भागीदारी की।
इस समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. एन.के. यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति भी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में बताया कि विश्व में कितनी फफूंद और खुम्ब का उत्पादन होता है? मशरूम का विश्व व्यापार में क्या योगदान है? वैश्विक परिदृश्य 1960 से लेकर के अब तक क्या रहा? विभिन्न देशों में मशरूम उत्पादन में चीन प्रथम स्थान पर है। विज्ञान इंसान की सोच व प्रवृत्ति में ही होता है।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कृषि विज्ञान आज की आवश्यकता है। वर्तमान युग में कृषि विज्ञान व इससे संबंधित अन्य विज्ञान जैसे:- रसायन विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान के साथ-साथ प्राचीन विज्ञान व वैज्ञानिक विचारधारा से ही मशरूम उत्पादन को आगे बढ़ाया जा सकता है तथा देश की आर्थिक स्थिति में सहयोग दिया जा सकता है।
समापन समारोह का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. खेमेन्द्र चौधरी ने सौंपा।
इस पांच दिवसीय समारोह का विधिवत्त रूप से राष्ट्रगान के साथ समापन किया गया।



