

इंतजार करना है तो करिए वरना कही और जाके इलाज करवाइए खुद बीमार पड़ गया मल्हार के सरकारी अस्पताल दो घंटे तक इलाज के लिए डॉक्टर के इंतजार में बैठी रहीं गर्भवती महिला
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राज्य सरकार गंभीर है। लेकिन, नगर पंचायत मल्हार में पदस्थ अस्पताल में कर्मचारी ही बदनाम करने में तुले है लगातार मरीजों के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है।
दैनिक समाज जागरण विवेक देशमुख
मल्हार। सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान महिलाओं के साथ ऐसा असंवेदनशील व्यवहार होना आम बात है यहां डॉक्टर अपनी मर्जी के मालिक हैं। अस्पताल सुबह में सुबह 8: 30 बजे है, मितानिनी गर्भवती महिला को लेकर गई लेकिन डॉक्टर का दिल नही पसीजा की एक बार उस महिला का हाल जान ले उल्टे 12 बजे के बाद आने को उनके सरकारी आवास में रहने वाली एक बच्ची ने कह दी दो घण्टे तक इंतजार करती रही सूत्रों की माने तो ऐसा पहली बार नही है इससे पहले भी मरीजों से दुर्व्यवहार करने का शिकायत भी मिल चुका साथ ही गर्भवती महिलाओं का डिलीवरी के बाद पैसा लेना भी आम बात हो गई है जबकि अस्पताल में डिलीवरी कराने की कोई चार्ज नही लगता इसकी वजह से अस्पताल में आने वाली गर्भवती मरीजों को काफी देर इंतजार करना पड़ता है। जबकि अस्पताल के पीछे ही रहते है सरकारी आवास में स्वस्थ विभाग के कर्मचारी।
मितानिन का अपने वार्ड की गर्भवती महिलाओं का साप्ताहिक जांच के लिए जाती है तो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लेकर मितानिनी जाती है तभी महिला डॉक्टर फोन नही उठाती है ।
वही 14 नम्बर वार्ड की गर्भवती महिला बताती है कि वह उसे कुछ परेशानी हुई जिस पर मितानिनी ने उसे मल्हार स्थित स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई जहाँ डॉक्टर ने तो कोई जवाब नही दी दो घण्टे तक इंतजार करती रही
ब्लॉक खण्ड चिकित्सक अधिकारी नन्द राज कवर का कहना है कि मेरे संज्ञान में शिकायत नही आया है मामले की जानकारी लेकर जांच करवाता हु ।
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