चोपन में गैस का ‘काला खेल’, एक नंबर को किल्लत और दो नंबर का बोलबाला, बंद हुई कई दुकानें

समाज जागरण/ आदिवासी सुनील त्रिपाठी

चोपन/ सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि चोपन के बाजारों में कई छोटी दुकानें सिलेंडर न मिलने के कारण बंद हो गई हैं, जिससे दुकानदारों के सामने “दो जून की रोटी” का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।


​’एक नंबर’ के लिए भटकते लोग: आधिकारिक तौर पर यानी ‘एक नंबर’ में सिलेंडर पाने के लिए उपभोक्ता हफ्तों से गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। वैध बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे आम आदमी और ईमानदार दुकानदार बेबस हैं।


​’दो नंबर’ (कालाबाजारी) का खेल: स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि जहाँ एक ओर सरकारी दर पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर ‘दो नंबर’ में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी के जरिए सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हैं। बिचौलियों के इस सिंडिकेट ने जानबूझकर कृत्रिम किल्लत पैदा कर दी है।


​दुकानदारों की बेबसी: छोटे चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वालों का कहना है कि वे इतना मुनाफा नहीं कमाते कि ‘दो नंबर’ में महंगे सिलेंडर खरीद सकें। इसके चलते कई लोगों ने अपनी दुकानों पर ताला जड़ दिया है और वैकल्पिक साधनों (लकड़ी/कोयला) की तलाश में भटक रहे हैं।


​प्रशासनिक दखल और कार्रवाई की मांग: ​इस गंभीर स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों ने सोनभद्र जिला पूर्ति अधिकारी (DS0) से मांग की है कि गैस एजेंसियों के स्टॉक की तत्काल जांच की जाए और ‘दो नंबर’ में हो रही अवैध बिक्री पर कठोर कार्रवाई कर ‘एक नंबर’ यानी सरकारी कोटे की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।


​साथ ही, चोपन थाना प्रभारी से भी अपील की गई है कि वे क्षेत्र में सक्रिय बिचौलियों और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाएं, ताकि गरीब दुकानदारों का शोषण बंद हो सके और वे फिर से अपनी आजीविका चला सकें।

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