– प्रभु दयाल कुशवाहा केजीटी विद्यालय में अतिथियों और अभिभावकों ने शिक्षक समूह और विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया ।
मिंटू कुमार दैनिक समाज जागरण हजारीबाग।
हजारीबाग जिले के मेरु, अमनारी रोड स्थित केजीटी सैनिक स्कूल में बुधवार को वार्षिकोत्सव एवं कक्षा दशम् के विद्यार्थियों का विदाई समारोह बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ। विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्सव का केंद्र बना रहा, जहां विद्यार्थियों की मुस्कान और शिक्षकों की भावुकता ने माहौल को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। नृत्य, संगीत, गीत, नाटक एवं प्रेरणादायक भाषणों की श्रृंखला ने उपस्थित अभिभावकों, अतिथियों और शिक्षकों का मन मोह लिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
विद्यालय के निदेशक कमलकांत पांडे, प्राचार्य राहुल कुमार एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मधुसूदन मेहता, प्रमुदयाल कुशवाहा, वरुण तथा अमनारी पंचायत की मुखिया कृष्णा मेहता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अतिथियों ने कक्षा दशम् के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। झारखंड प्राइवेट स्कूल संगठन के कोर कमेटी सदस्य प्रभु दयाल कुशवाहा ने कहा विद्यार्थियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। पंचायत मुखिया कृष्णा मेहता ने विद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानाचार्य राहुल कुमार विदाई संबोधन के दौरान भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि विद्यालय से प्राप्त संस्कार और शिक्षा विद्यार्थियों के जीवन की मजबूत नींव बनेंगे और यही उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाएंगे। वहीं निदेशक कमलकांत जिमों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्राइवेट स्कूल संगठन के अध्यक्ष मधुसूदन मेहता ने भावुक शब्दों में कहा कि पूरे जिले के निजी विद्यालयों की हर समस्या के समाधान के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। कुल मिलाकर यह विदाई समारोह अनुशासन, संस्कृति, संस्कार और भावनात्मक जुड़ाव का एक सुंदर और अविस्मरणीय संगम बनकर उपस्थित सभी लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ गया।



