दैनिक समाज जागरण, जिला संवाददाता।( महेन्द्र जावला बहल )
भिवानी। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सही मार्गदर्शन और प्रारंभिक देखभाल अत्यंत आवश्यक है। यह विचार अतिरिक्त उपायुक्त बाबूलाल करवा के निर्देशानुसार तथा सीडीपीओ किरण देवी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित ईसीसीई (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर प्रगति कुमारी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
प्रगति कुमारी ने बताया कि ईसीसीई योजना के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास के लिए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के लिए तैयार करना है, ताकि वे आगे की शिक्षा को आत्मविश्वास के साथ ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में दी गई सही शिक्षा और देखभाल बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ उनके सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास को भी मजबूत बनाती है।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को पोषण आहार, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही ईसीसीई कार्यक्रम सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से भी जुड़ा हुआ है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित पोषण एवं समान अवसर प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। इस योजना से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान सीबीई (CBE) बैठक का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। निरीक्षण के दौरान बच्चों का वजन एवं लंबाई की जानकारी ली गई, जिसमें बच्चों का पोषण स्तर संतोषजनक पाया गया। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की नियमित निगरानी, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दर्शना देवी, सोनिया, अनुपम, गीता, अंजना, ज्योति, शीला, प्रियंका, सरिता, कंचन कुमावत तथा सामाजिक कार्यकर्ता अंजु देवी सहित अनेक महिलाएं बैठक में उपस्थित रहीं। सभी ने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विभागीय योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।



