मिंटू कुमार समाज जागरण हजारीबाग सदर।
हजारीबाग पुलिस ने मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करने में कामयाबी हासिल की है। डंकी रूट के जरिये अमेरिका भेजने का झांसा देकर की गई करोड़ों की ठगी मामले में मास्टरमाइंड सहित पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उदय कुमार कुशवाहा, दर्शन प्रसाद,
लालमोहन प्रसाद, चोहान प्रसाद और शंकर प्रसाद शामिल है।
पुलिस ने उदय कुमार के पास से सैमसंग मोबाइल, जिसमें पीड़ित और उसके पिता से व्हाट्सएप चैट की छायाप्रति,उसकी पत्नी के नाम से एक्सिस एवं एसबीआई बैंक डिपॉजिट पर्ची, नोटबुक जिसमें डंकी रूट से भेजे गए लोगों की सूची और उनसे वसूली गई रकम का विवरण बरामद किया गया है।
वहीं पुलिस ने दर्शन प्रसाद के पास से रेडमी मोबाइल, जिसमें ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट और लालमोहन प्रसाद के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन तथा उसमें उदय के साथ लेनदेन का व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट ,शंकर प्रसाद के पास से मोटोरोला मोबाइल, जिसमें उदय से लेन-देन से जुड़े व्हाट्सएप चैट मिले है।
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि हजारीबाग जिला के अंतर्गत टाटीझरिया थाना क्षेत्र के भराजो गांव निवासी सोनू कुमार ने 30 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें यह बताया गया कि गांव के ही निवासी उदय कुमार कुशवाहा (जो पिछले 45 वर्षों से अमेरिका में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं) ने उन्हें अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर, फर्जी दस्तावेजों और मानव तस्करी के डंकी रूट के माध्यम से वर्ष 2024 में ब्राजील के लिए रवाना किया।
दर्ज शिकायत में बताया गया था कि उदय कुमार ने बिकाश कुमार (दर्शन प्रसाद का पुत्र) और पिंटू कुमार दारू थाना के जरगा निवासी को भी अलग-अलग दिन दिल्ली से ब्राजील भेजा। ब्राजील पहुंचने पर इन तीनों को अंतरराष्ट्रीय डंकी माफिया के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उन्हें छिपाकर रोड और नदी मार्ग से बोलिविया , कोलंबिया ,पनामा कोस्टा इत्यादि देश से होते हुए अमेरिका पहुंचाने की कोशिश की।
पीड़ित को 50 दिन तक माफिया के कब्जे में रखा गया। इस दौरान उदय कुमार ने वादी के गरीब पिता को अमेरिका से कॉल कर और पैसे की मांग की। विवश होकर वादी के पिता ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर लगभग 45 लाख की राशि उदय कुमार के रिश्तेदारों को अलग-अलग माध्यम से दी।
पीड़ित को मेक्सिको सिटी होते हुए सें डियगो भेजा गया, लेकिन अमेरिकी बॉर्डर पर उसे पकड़कर डिटेंशन सेंटर में डाल दिया गया । जहां वह लगभग चार महीने तक रहा। मार्च 2025 में उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
घर लौटने के बाद जब वादी ने अपनी रकम की मांग की, तो उदय कुमार और उनके भाई चोहान प्रसाद द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण पीड़ित ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जिस पर टाटीझरिया थाना के तहत प्राथमिकी दर्ज कर वरीय अधिकारियों को सूचित किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए
एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया । अनुसंधान एवं छापेमारी के क्रम में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया ।
इन लोगों द्वारा अभी तक डंकी रूट से अमेरिका भेजने का काम हुआ है जिसमें दिगंबर कुमार कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा ,नंदू कुमार, पप्पू कुमार चंदन कुमार, शंभू दयाल ,पृथ्वीराज कुशवाहा उर्फ सोनू ,संजय वर्मा ,सुमन सौरभ प्रवीण कुमार कुशवाहा, अरुण कुमार कुशवाहा और धीरज कुमार शामिल है।



