पटना में हिटवेव का अलर्ट जारी

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ बिहार में पिछले कुछ दिनों से गर्मी ने जबरदस्त रूप ले लिया है। बारिश के बाद जैसे ही मौसम साफ हुआ, सूरज ने अपनी तपिश के साथ लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन ही नहीं, अब रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे लोगों को राहत मिलना मुश्किल हो गया है। पटना सहित कई जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बीते दो दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब कई जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि तापमान के साथ-साथ उमस भी लोगों को परेशान कर रही है, जिससे गर्मी और अधिक महसूस हो रही है। मंगलवार को पटना स्थित भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 31 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी में कहा गया है कि इन जिलों में हॉट डे, हीटवेव और उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने यह भी बताया कि यह गर्मी की शुरुआत मात्र है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका है। पटना में पिछले कुछ दिनों से तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में ही रहने को मजबूर हैं। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।मौसम विभाग ने लोगों को दिन के 11 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। अगर जरूरी हो तो छतरी, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने, बार-बार पानी पीने और धूप में ज्यादा समय न बिताने की चेतावनी दी गई है। स्कूलों में भी गर्मी की छुट्टियां जल्दी घोषित कर दी गई हैं और सरकारी कार्यालयों में कार्य समय में बदलाव किया जा रहा है।आईएमडी के मुताबिक, वर्तमान मौसम की यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ और गर्म हवाओं के कारण बनी है। हालांकि, राहत की उम्मीद भी जताई गई है। 24 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर बिहार के मौसम पर भी पड़ सकता है।मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय, खासकर 12 बजे से 3 बजे के बीच, घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। गर्मी और लू के कारण लू लगने, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। बिहार में पड़ रही यह भीषण गर्मी सभी के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्रशासन और नागरिकों को मिलकर सतर्कता और सावधानी बरतनी होगी, ताकि गर्मी के इस दौर में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। गर्मी से बचने के लिए लोग पारंपरिक उपाय भी अपना रहे हैं जैसे कि आम पना, बेल का शरबत, नींबू पानी और छाछ का सेवन। इनसे शरीर को ठंडक मिलती है और डिहाइड्रेशन से भी बचा जा सकता है। इसके अलावा घरों में ठंडक बनाए रखने के लिए परदे, पानी के छिड़काव और कूलर-पंखे का उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और हीटवेव के हालात चिंता का विषय हैं। यह न केवल स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है बल्कि जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, सावधानी बरतें और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि इस प्राकृतिक आपदा से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।

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