आदिवासी सुनील त्रिपाठी/ समाज जागरण
चोपन/ सोनभद्र। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते सोननदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। खेतों में बाढ़ का पानी घुस जाने से कनछ क्षेत्र के पकड़ी, कन्हौरा, रानीडिह, ससनई, चकरिया, बसुहारी, पिंडारी सहित कई गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों की मानें तो मक्का की फसल जो लगभग तैयार हो चुकी थी, वह पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इसके साथ ही अरहर, तिल्ली जैसी अन्य फसलें भी बाढ़ के पानी में डूबकर नष्ट हो गईं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर, किसानों को राहत दिलाने की मांग को लेकर अपना दल (एस) के पूर्व जिला महासचिव श्यामाचरण गिरी ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी बाढ़ से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ था, जिससे वे अभी उबर भी नहीं पाए थे कि इस वर्ष फिर से बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल एक टीम गठित कर फसल क्षति का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तथा प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक बदतर हो जाएगी।
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