हिनौता विद्युत केंद्र अंतर्गत 33 केवी फॉल्ट से आपूर्ति ध्वस्त, जिम्मेदारों की चुप्पी बनी संदिग्ध


ट्रिपिंग की मार से तड़पते उपभोक्ता, भीषण गर्मी में बिजली विभाग की कार्यशैली पर उठे तीखे सवाल

समाज जागरण जिला संवाददाता उदय सिंह लोधी


दमोह/हटा। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। हिनौता विद्युत केंद्र अंतर्गत क्षेत्र में 33 केवी लाइन में लगातार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। दिन हो या रात, बिजली आपूर्ति का बार-बार बाधित होना अब रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है और विद्युत विभाग की कार्यशैली और मेंटिनेंस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।



लगातार फॉल्ट से उपभोक्ता त्रस्त

33 केवी लाइन में बार-बार आ रहे फॉल्ट ने पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रिपिंग होने से घंटों बिजली गुल रहना आम बात हो गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग केवल अस्थायी मरम्मत कर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है, जबकि स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल

तेज गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली ने हालात और खराब कर दिए हैं। पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है और रातों की नींद हराम हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को झेलनी पड़ रही है।

मेंटिनेंस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल

बार-बार हो रहे फॉल्ट ने विभाग की मेंटिनेंस व्यवस्था की पोल खोल दी है। आरोप है कि लाइन की समय-समय पर जांच और आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए जा रहे, जिससे छोटी समस्याएं बड़े फॉल्ट में बदल रही हैं। यदि नियमित रखरखाव होता, तो इतनी बार ट्रिपिंग की नौबत ही नहीं आती।

जिम्मेदारों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने कनिष्ठ अभियंता प्रदीप पटेल की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए हैं। आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। मौके पर निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। वही कनिष्ठ अभियंता प्रदीप पटेल लगातार ही आमजन सहित मीडिया से दूरी बनाए हुए है।

शिकायतें बेअसर, बढ़ता आक्रोश

उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। हालात यह हैं कि अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है और क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं।

जवाबदेही तय करने की मांग

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए, 33 केवी लाइन की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान निकाला जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यही है—क्या विभाग समय रहते चेतकर व्यवस्था सुधार पाएगा, या फिर भीषण गर्मी में जनता यूं ही अंधेरे और परेशानी से जूझती रहेगी?

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