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इमरती जलाशय सिंचाई परियोजना विभाग के नक्शे से गायब

मुख्यमंत्री की आम सभा में उठेगी मांग
समाज जागरण
विजय तिवारी
उमरिया — उमरिया जिले में अब तक बनी सिंचाई परियोजनाओं में कितनी परियोजनायें आधी -अधूरी और शासकीय धन राशि लुटाने के बाद भी अधर में लटकी हुई है, जिनकी खोज खबर लैना तो दूर प्रदेश के आलाकमानो ने नक्शे से ही गायब कर अमन चैन की नींद में सो गया है , उधर प्रभावित गाँव के किसान चातक की भांति स्वाती की एक -एक बूंद जल के लिए मुंह फैलाये बैठे हुए हैं। पहडिया जलाशय की खबर के सुर्खियों में आने के बाद इमरती जलाशय की टकटकी लगाये किसानों ने भी इस जलाशय की खबर पत्रकारों को इस आशय से दी की शायद इस खबर के बाद किसानों के हक के लिए बनाया गया सिंचाई विभाग इस जलाशय की भी सुधि ले और पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही सुनहरे सपनों की घड़ी हकीकत में बदल जाये।
इमरती जलाशय पाली विकास खंड के चौरी आर्दश ग्राम में है जहाँ पर आज भी गांव के लोगों ने लोकतंत्र की इबादत का पालन कर निर्विरोध पंचायत का इतिहास रचा था , इस ग्राम पंचायत में पंच से लेकर सरपंच तक के चुनाव बिना मतदान के आपसी सहमति के आधार पर तय किये गए थे, यह इमरती जलाशय इसी ग्राम पंचायत की परिधि में आता है और चौरी के साथ साथ नौगई, बरदढार, और मढी गाँव के आदिवासी किसानों के लगभग एक हजार हेक्टेयर भूमि का रकबा इस जलाशय परियोजना के जल से लहलहा उठेगा और तकरीबन दो हजार परिवारों में खुशहाली लेकर आयेगा।
इमरती जलाशय सिचाई परियोजना का शुभारंभ वर्ष 1979-80 में हुआ था , जब पूरा तत्कालीन शहडोल जिला भंयकर सूखे की चपेट में था लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाना और परिवार का उदर पोषण करना कठिन काम था तब की तत्कालीन सरकार ने राहत मद से इस काम को शुरू किया, ताकि लोगों को तत्कालीन राहत मिले और भविष्य में सूखा पडने पर भी किसानों के लिए लिये यह दुखद ऐसी भीषण परिस्थिति का सामना देश के अन्न दाता को न करना पडे, इस दूर मार्ग दर्शी कदम उठाते हुए सिचाई परियोजना की आधार शिला रखी थी। समय ने करवट वदला और परियोजना का काम बाधित हो गया, तब से सिंचाई विभाग का अमले ने इस की सुधि भूल गयी । पिछले दिनों सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में कार्यपालन यंत्री एस के ठाकुर से औपचारिक बातचीत में भी उन्होंने इस परियोजना के बारे में नहीं बतलाया , जिससे पता चलता है कि इमरती जलाशय सिंचाई परियोजना इनके नक्शे से ही गायब है।
अभी भी चौरी ग्राम पंचायत के लिए सरपंच व्दारिका सिंह इस परियोजना को लेकर गंभीर है और इसके लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुचने की बात करते हैं। आपने बताया कि इस परियोजना के बन जाने से किसानों की आय दोगुनी बढ जायेगी ही एक फसली से हम दो फसल उपज पैदा कर सकते हैं। आपने कहा कि इस बात को देश के राष्ट्रपति महोदय के शहडोल प्रवास के दौरान मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन नहीं मिल सके। अब हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी का आगमन पाली हो रहा है, उनसे मिलकर क्षेत्र के नागरिकों के साथ अपनी फरियाद रखेंगे। सरपंच ने बताया कि मुख्यमंत्री अत्यंत संवेदनशील है, और किसानों के हित में इस परियोजना को पूरा कराने का काम करेंगे।


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