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आईएमएस में दीक्षारंभ का आयोजन


नोएडा। इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) नोएडा में बीबीए, बीसीए, एमसीए, एवं बीएजेएमसी प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए दीक्षारंभ का आयोजन हुआ। सेक्टर 62 स्थित संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बतौर वक्ता एचसीएल टेक्नोलॉजी के वाइस प्रेसिडेंट अमित तिवारी, एक्सेंचर के सीनियर एनालिस्ट कुशाग्र पचौरी, एंकर एवं वरिष्ठ कार्यकारी संपादक दिनेश गौतम, जी न्यूज की एंकर लवीना राज एवं बीबीसी के सीनियर कॉरेस्पोंडेंट दिलनवाज पाशा ने अपने विचार प्रकट किए। संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान डीन डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. अनिता पति, डॉ. सचिन बत्रा के साथ शिक्षक एवं छात्रों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करायी।



कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना करते आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने छात्रों से कहा कि सफल बनने के लिए पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करें। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुट जाए। जीवन में असफलता से सीख लें एवं पुनः तत्परता एवं दोगुने उत्साह से सफलता प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध  प्रयास करें। उन्होंने छात्रों से जीवन में आशावादी बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को शुरुआत करते हुए आईएमएस के सलाहकार प्रोफेसर डॉ. जेके शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान अर्जित करना नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नैतिक मूल्यों को भी सशक्त बनाती है। उन्होंने छात्रों से निरंतर सीखने, सकारात्मक सोच अपनाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना अवसरों के रूप में करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता अमित तिवारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ कम्युनिकेशन, टीमवर्क, समस्या-समाधान और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करना चाहिए। वहीं कुशाग्र पचौरी ने कहा कि नई तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बदलते दौर में निरंतर सीखने और स्वयं को अपस्किल करने की आदत ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। आईएमएस नोएडा जैसे संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

दिनेश गौतम ने कहा कि विद्यार्थी जीवन अपने सपनों को दिशा देने और भविष्य की मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। आज के दौर में सफलता के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता, कम्युनिकेशन स्किल्स और निरंतर सीखने की क्षमता विकसित करनी होगी। नई तकनीकों और बदलते कॉर्पोरेट वातावरण के साथ स्वयं को अपडेट रखना ही युवाओं को करियर में आगे बढ़ने में मदद करेगा।


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