नोएडा। सेक्टर 62 स्थित आईएमएस नोएडा के बीबीए विभाग ने दो दिवसीय औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया। इस दो दिवसीय भ्रमण में छात्रों को डेयरी संचालन एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। छात्रों ने शैक्षणिक भ्रमण के दौरान मदर डेयरी की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा और समझा।
आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन ने कहा कि किसी भी छात्र के समग्र विकास के लिए केवल कक्षा में दी जाने वाली संस्थागत शिक्षा पर्याप्त नहीं होती। विद्यार्थियों के व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने पर ही उनकी शिक्षा को पूरी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि उद्योग में आने वाली वास्तविक चुनौतियों, प्रबंधन प्रक्रिया, तकनीकी पक्ष और व्यावसायिक संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव से ही छात्र सफलता की सीढ़ी चढ़ सकते हैं।
वहीं आईएमएस की डीन प्रोफेसर (डॉ.) नीलम सक्सेना ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण छात्रों की सोच को व्यापक बनाते हैं और उन्हें भविष्य की व्यावसायिक जिम्मेदारियों के लिए न केवल मानसिक रूप से तैयार करते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और समस्या समाधान जैसे कौशलों का भी विकास करते हैं। संस्थान का प्रयास है कि छात्रों को अधिक से अधिक ऐसे अवसर प्रदान किए जाएं, जिससे वे अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षताओं में भी पारंगत बन सकें।
आईएमएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों ने कच्चे दूध के संग्रहण एवं प्रसंस्करण की विस्तृत जानकारी, गुणवत्ता नियंत्रण एवं सुरक्षा मानकों के विभिन्न चरणों की प्रक्रिया को समझा। कार्यक्रम में छात्रों ने आधुनिक तकनीक से युक्त प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। लॉजिस्टिक्स विभाग और उन साइलोज की जानकारी इकट्ठा की जो प्रतिदिन 40 लाख लीटर से अधिक दूध के प्रबंधन में सहायक हैं। छात्रों को दूध की शुद्धता की जांच हेतु किए जाने वाले परीक्षणों को भी जानने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का सफल संचालन संस्थान के फैकल्टी डॉ. राशी गर्ग एवं डॉ. साक्षी वर्धन के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
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