सौरभ कुमार,दैनिक समाज जागरण,संवाददाता,झारखंड
जमशेदपुर (झारखंड) 06 अगस्त 2025:– यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिसामुदायिक केन्द्र जादूगोड़ा आज लगभग 5 महीना से अंडरटेकिंग देना बंद कर दिया गया है। मतलब यूसीआईएल के एम्पलाई ही इस सामुदायिक केंद्र का लाभ उठा सकते हैं। इससे पहले अन्य लोगों को अंडरटेकिंग प्रक्रिया के द्वारा य सामुदायिक केंद्र विवाह एवं अनुष्ठान हेतु दिया जाता था। कुछ निजी कारणों के लिए इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बाहरी व्यक्तियों को अब यह सामुदायिक केंद्र नहीं दिया जा रहा है। बाहरी व्यक्तियों के लिए यह सामुदायिक केंद्र बंद कर देना कितना सही है अब यह आप ही तय करें। यह सामुदायिक केंद्र यहां के लोकल व्यक्तियों का एकमात्र सहारा था। यहां से जुड़े आस-पास के गांव के लोग इसका लाभ उठा रहे थे। यूसीआईएल का यह फैसला कितना सही है? अधिकारी गण को सोचना चाहिए कि यह सामुदायिक भवन का लाभ कराची पाकिस्तान के लोगों को नहीं टाटानगर के लोगों को नहीं, बल्कि जादूगोड़ा में रह रहे जीरो किलोमीटर जादूगोड़ा के ग्रामीण लोगों को मिल रहा था। एक गरीब भी इस सामुदायिक केंद्र को बुक करके हजार रुपए तक में अपने घर का अनुष्ठान करवा कर इसका लाभ ले रहे थे। यह सेवा बंद करके यूसीआईएल के अधिकारी गण आखिर क्या चाहते हैं? आज सामुदायिक केंद्र का इस्तेमाल तक नहीं हो रहा है क्योंकि यूसीआईएल में एंप्लॉई कितने आखिरकार बचे हुए हैं? जब यूसीआईएल कैंपस में एंप्लॉई ही ना रहेंगे तो उनके घर में शादी कैसे होगा और कैसे इस सामुदायिक केंद्र का लाभ उठाएंगे। अधिकारीगण को यह सोचना चाहिए। यह काफी चिंतनीय विषय है। यूसीआईएल सामुदायिक केंद्र का लोगों को लाभ मिल रहा था। गरीब व्यक्ति भी मात्र ₹1000 में इस सामुदायिक केंद्र का फायदा लेकर अपने घर के बच्चों का शादी विवाह कर रहे थे। कंपनी ने यह बंद कर बिल्कुल अच्छा नहीं किया। लोगों में काफी निराशा है। एक सामुदायिक केंद्र को बाहरी व्यक्तियों के लिए बंद कर देना कितना सही फैसला है? ऐसी कमरे में बैठे अधिकारी गण को यह सोचना चाहिए ऐसे भी सामुदायिक केंद्र का मतलब एक सार्वजनिक स्थान होता है जहाँ समुदाय के सदस्य सामाजिक, सांस्कृतिक, या शैक्षिक गतिविधियों के लिए एकत्रित होते हैं। आपको ऐसी क्या परेशानी आ गई कि आपको यह बंद करना पड़ गया? अगर आपको अपनी नीति न बदलकर आपको यह बंद करना था तो शुरू से आप इसको बंद कर सकते थे। यह सामुदायिक केंद्र केवल यूसीआईएल एम्पलाई, कर्मचारियों के लिए ही चालू करना था। अगर सिस्टम में कुछ दिक्कतें आ रही थी तो आपको सिस्टम पर विचार करना था। अचानक सामुदायिक केंद्र को बाहरी व्यक्तियों के लिए बंद कर देना कितना सही है? बाहरी व्यक्तियों को य सामुदायिक केंद्र देने के लिए एक नियम बना सकते थे ना कि इसे बंद कर देना। आज लोगों को बहुत असुविधा हो रही है। जनमानुष की परेशानियों को सुनकर अधिकारी गण को इस पर विचार करना चाहिए। यह सामुदायिक भवन से यहां के लोकल व्यक्तियों को लाभ मिलता है। मध्यम वर्ग के लोग कम पैसे में इस सामुदायिक केंद्र का लाभ उठाकर अपने बाल बच्चों का विवाह अच्छी तरीका से कर सकते थे। सामुदायिक केंद्र को व्यक्तियों को देने की प्रक्रिया में आपको सुधार करना चाहिए ना कि इसे बंद करके। आगे पता नहीं आप क्या-क्या बंद करेंगे अंडरटेकिंग में चिकित्सा या फिर शिक्षा यह भी देखने वाली बात होगी। जादूगोड़ा में रह रहे लोगों का यह हक है, इसे बाहरी व्यक्तियों से छीना नहीं जाना चाहिए।



