google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार भ्रष्टाचार के मामले हो रहे हैं उजागर : अभय सिंह चौटाला*


_यौन उत्पीडऩ की जांच हाई कोर्ट के सीटींग जज से ही करवाने के फैंसले पर 24 घंटे भी नहीं रूकी सरकार: अभय सिंह चौटाला_



चंडीगढ़(संदीप शर्मा) ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को प्रश्रकाल के दौरान प्रदेश में भ्रष्टाचार के पंजीकृत मामले और उनकी जांच की स्थिति के बारे में प्रश्र पूछे। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तब से लगातार भ्रष्टाचार के मामले रोजाना उजागर होते रहे हैं। अनेक घोटालों के बारे में यहां पर चर्चा हुई और अनेक दफा आश्वासन मिला कि जांच करवाएंगे लेकिन आज तक उनकी कोई जांच नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने कल सदन में गीता पे हाथ रख कर कहा था कि मैं किसी कीमत के उपर भ्रष्टाचार को सहन नहीं करूंगा। अगर कहीं भ्रष्टाचार हो रहा है और आप के सामने मामले उजागर किए जा रहे हैं तो आपको केवल जांच का आदेश नहीं देना चाहिए बल्कि उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल उन्होंने जो गीता पर हाथ रखने की बात की थी वो किसी एक संदर्भ में कही थी। इस पर अभय सिंह ने कहा कि क्या बाकियों को भ्रष्टाचार करने की छूट है। सीएम ने कहा कि वे गीता पर विश्वास रखते हैं तो अभय सिंह ने कहा कि इस सदन में जितने लोग बैठे हैं सभी गीता पर विश्वास रखते हैं। अभय सिंह ने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गीता पर तो वहां हाथ रखकर कसम खाई जाती है जहां कोर्ट के अंदर किसी नेे गवाही देनी होती है। तब वो कहता है कि मैं सच के सिवाय कुछ नहीं बोलूंगा और फिर दबा के झूठ बोलता है।अभय सिंह ने कहा कि सरकार के सभी विभागों में खुल कर भ्रष्टाचार है लेकिन आज भ्रष्टाचार के कुछ प्रमुख मामलों को सदन मे रख रहे हैं। सप्लमेन्टरी प्रश्र पूछते हुए उन्होंने नगर निगमों में हुए भ्रष्टाचार के मामले रखे। फरीदाबाद नगर निगम में 200 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ, गुरूग्राम नगर निगम में सोलिड वेस्ट मैनेजमैंट, हैल्थ और सेनिटेशन व कूड़ा उठान से संबंधित 180 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ, सोनीपत नगर निगम में कूड़ा उठान और सर्विस चार्ज घोटाला हुआ, करनाल नगर निगम में स्ट्रीट लाईट और सीवरेज का घोटाला हुआ साथ ही अवैध कालोनियों की रजिस्ट्रिीयों को लेकर घोटाला हुआ, पंचकूला नगर निगम में कूड़ा उठान के नाम पर करोड़ों रूपए का घोटाला के अलावा एक और घोटाला हुआ है। पंचकूला नगर निगम मेें असिस्टैंट प्रोजेक्ट आफिसर की एक पोस्ट के एवज में 25 एपीओ भर्ती कर दिए। एपीओ पद की येग्यता बीटेक है लेकिन बीटेक को अनदेखा कर दिया गया और डिप्लोमा होल्डर को भर्ती कर दिया गया। फिर उनको एपीओ से हटाकर जेई की पोस्ट पर लगा दिया गया और जेई का वहां से तबादला कर दिया। सरकार बिना पर्ची बिना खर्ची की बात करती है और अपने लोगो को एडजस्ट करने के लिए किस तरह से लोगों का तबादला कर दिया जाता है और तबादला करके पोस्ट खाली करके उनपर इस तरह से भर्ती कर दी जाती है। भिवानी नगर निगम में भी चैक और फर्जी रसीदों के नाम पर 3 करोड़ 87 लाख रूपए का घोटाला हुआ, हिसार नगर निगम में मैन पावर मुहैया करवाने वाली एजेंसी को लाखों रूपए जारी करके घोटाला किया गया, अंबाला नगर निगम में कूड़ा उठान के नाम पर 5 करोड़ का घोटाला हुआ और इसके अलावा स्टेडियम के निर्माण के उपर भी 86 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ सिरसा नगर निगम में करोड़ों रूपए का घोटाला हुआ। उन्होंने पूछा कि इन सब घोटालों का क्या हुआ, कौन सी जांच हुई है उस बारे में बताएं।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)