सार्वजनिक USB पोर्ट से हो सकता है ‘जूस जैकिंग’, निजी डेटा की सुरक्षा जरूरी
नई दिल्ली। सफर के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने लगे तो सार्वजनिक स्थानों पर लगे मुफ्त USB चार्जिंग पोर्ट राहत देते हैं। लेकिन साइबर सुरक्षा के लिहाज से ऐसे अनजान USB पोर्ट का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है। इनके जरिए ‘जूस जैकिंग’ जैसी तकनीक से मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी तक अनधिकृत पहुंच बनाने का खतरा रहता है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सार्वजनिक USB पोर्ट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दौरान अपना चार्जर और पावर बैंक साथ रखें तथा अनजान USB पोर्ट से मोबाइल चार्ज करने से बचें।
यदि किसी सार्वजनिक पोर्ट का इस्तेमाल करना जरूरी हो तो मोबाइल पर दिखाई देने वाले डेटा ट्रांसफर या फाइल एक्सेस की अनुमति को स्वीकार न करें। केवल चार्जिंग की अनुमति देना अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प है।
डेटा सुरक्षा से समझौता न करें
मोबाइल में बैंकिंग, व्यक्तिगत तस्वीरें, संपर्क, ईमेल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है। इसलिए थोड़ी देर की चार्जिंग सुविधा के लिए निजी डेटा को जोखिम में डालना महंगा पड़ सकता है।
याद रखें—मोबाइल की बैटरी दोबारा चार्ज की जा सकती है, लेकिन चोरी हुआ निजी डेटा वापस पाना मुश्किल हो सकता है। यात्रा के दौरान सुविधा के साथ साइबर सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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