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प्रकृति व श्रद्धा का संगम है करमा पूजा: डॉ कौशल किशोर

समाज जागरण दीपक सरकार

प्रकृति पूजा है कर्मा जो कर्म डाल की ,जितियां पीपल व सरहुल सखुआ की पूजा होती है
पर्यावरण धर्मगुरु डॉ कौशल

पलामू:बुधवार शहर के पांकी रोड स्थित टेढ़वा नदी के निकट स्थित अपने फार्म हाउस के प्रांगण में विश्व व्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वनराखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद ट्री मैन डॉ कौशल किशोर जायसवाल ने कन्या पूजन के साथ अपने चार पोतियों के संग पर्यावरण धर्म के प्रार्थना के साथ कर्मदेव जी का पौधा लगाकर उसकी पूजा पर लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कर्म पूजा शुद्ध रूप से प्रकृति पूजा होता है जो सबका जीने का आधार है । यह पूजा केरल, असम, बंगाल, बिहार ,झारखंड , उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आदिवासी समाज के लोग विशेष रूप से मनाते हैं। क्योंकि धनरोपनी का समय समाप्त होने पर स्वास्थ्य एवं अच्छी फसल की कामना के लिए करमा में प्रकृति पूजा किया जाता है। यह पूजा दुनियां के तमाम लोगों को करना चाहिए। क्योंकि प्रकृति पूजा से ब्रह्मांड का और कन्या पूजन से सृष्टि की रचना होती है। कल्पवृक्ष पर रक्षाबंधन कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में पोती आराध्या जायसवाल, आशिविका जायसवाल अनुषा जायसवाल, आद्रिका जायसवाल, संतोष कुमार, रामु कुमार सहित अन्य कई लोग शामिल थे।


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