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केन्द्रीय आर्य युवक परिषद का 48वां स्थापना दिवस एवं स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी समारोह संपन्न

‘हम और आप ही भारत और दुनिया को बदलेंगे’ : डॉ. अशोक चौहान

स्वामी श्रद्धानंद को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग : अनिल आर्य

नई दिल्ली। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के 48वें स्थापना दिवस एवं स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर रविवार को आर्य समाज ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आर्य समाज के पदाधिकारियों, युवाओं और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

समारोह की अध्यक्षता एमिटी शिक्षण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार चौहान ने की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों को देखकर उन्हें ऊर्जा और आनंद की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प सभी को मिलकर पूरा करना होगा।

डॉ. अशोक चौहान ने कहा, “हम और आप ही भारत और दुनिया को बदलेंगे।” उन्होंने गुरुकुल शिक्षा और आर्य समाज की विचारधारा की सराहना करते हुए कहा कि अच्छे संस्कार बच्चों की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में युवाओं तथा संस्कारवान पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आनंद चौहान, निदेशक, एमिटी शिक्षण संस्थान ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती का समाज सुधार में योगदान अविस्मरणीय है। आर्य समाज के लोग उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य वीरेंद्र विक्रम द्वारा यज्ञ के साथ हुआ। अजीत चौहान ने कहा कि आर्य समाज को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की आवश्यकता है और समारोह में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी उत्साहजनक है।

स्वामी श्रद्धानंद को भारत रत्न देने की मांग

कार्यक्रम का संचालन कर रहे केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने केंद्र सरकार से स्वामी श्रद्धानंद जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद महान समाज सुधारक थे और उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा समाज में जागरूकता फैलाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया।

अनिल आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद निर्भीक संन्यासी थे और उन्होंने जीवनभर सत्य का पालन किया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय आर्य युवक परिषद युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और राष्ट्रहित की भावना विकसित करने का कार्य आगे भी जारी रखेगी।

समारोह में वैदिक विद्वान आचार्य अखिलेश्वर, गवेन्द्र शास्त्री, विनोद बंसल, श्रुति सेतिया, आचार्य विद्या प्रसाद मिश्र और रविदेव गुप्त ने भी अपने विचार रखे। आर्य नेता राजेन्द्र वर्मा ने ध्वजारोहण किया। वहीं पिंकी आर्या, प्रवीण आर्य और काशी राम आर्य ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

आर्य युवकों का व्यायाम प्रदर्शन रहा आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम में व्यायाम शिक्षक गौरव सिंह के निर्देशन में आर्य युवकों द्वारा प्रस्तुत व्यायाम प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। युवाओं ने विभिन्न व्यायाम और शारीरिक प्रदर्शन के माध्यम से अनुशासन एवं स्वास्थ्य का संदेश दिया।

समारोह में राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र भाई और आर्य नेता अरुण बहल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर ज्ञानेंद्र सिंह, देवेंद्र आर्य, ओमेंद्र आर्य, यशोवीर आर्य, ओम सपरा, अनुपम आर्य, डॉ. प्रमोद सक्सेना, अरुण आर्य, कपिल बब्बर, वीरेंद्र योगाचार्य, राम कुमार आर्य, श्रीकृष्ण दहिया, रविदेव गुप्ता, राजेश मेहंदीरत्ता, धर्मपाल आर्य, दुर्गेश आर्य, प्रकाशवीर शास्त्री, सुधीर कुमार बंसल, देवेंद्र भगत, सुभाष शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

समारोह में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने के लिए प्रस्ताव भी पारित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्य समाज के सिद्धांतों, सामाजिक सुधार, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना रहा।


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