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नौ साल से ध्वस्त सड़क, हजारों ग्रामीण बेहाल; आखिर कब जागेगा प्रशासन?

2017 की बाढ़ में उजड़ा देवरी खास-रहमतपुर मार्ग आज तक नहीं बना, बरसात में संपर्क टूटने का खतरा; सड़क और आरसीसी पुल निर्माण की मांग तेज

किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-14 में देवरी खास से रहमतपुर जाने वाली मुख्यमंत्री सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में सुहिया गांव के समीप करीब तीन किलोमीटर तक क्षतिग्रस्त हुई यह सड़क नौ साल बीत जाने के बाद भी पुनर्निर्माण की बाट जोह रही है। सड़क की दुर्दशा के कारण हजारों ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।

दर्जनों गांवों के लोगों का महत्वपूर्ण मार्ग

देवरी खास-रहमतपुर सड़क दुर्गापुर, मियापुर, हवाकोल, धवेली, झाला, डाकपोखर, बैगना, चिल्हनियां, मटियारी और झुनकी मुसहरा समेत दर्जनों गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ग्रामीण इसी रास्ते से प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय और हाट-बाजार तक पहुंचते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलजमाव के कारण रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है और संपर्क बाधित होने का खतरा बना रहता है। इसका असर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने पर पड़ता है।

आरसीसी पुल निर्माण की भी मांग

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2017 की बाढ़ में प्रखंड क्षेत्र के कई स्थानों पर सड़कें कटकर क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके बावजूद कई प्रभावित मार्गों के पुनर्निर्माण की समस्या अब तक बनी हुई है। देवरी खास से रहमतपुर मार्ग पर आरसीसी पुल निर्माण की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब यह मार्ग इतने गांवों के लिए महत्वपूर्ण है, तो नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क और पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हुई। लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान परेशानी झेलना उनकी मजबूरी बन गई है।

डीएम से हस्तक्षेप की अपील

चिल्हनियां पंचायत के मुखिया मोफत लाल ऋषिदेव और प्रखंड प्रमुख उजाला परवीन ने जिला प्रशासन से सड़क का पुनर्निर्माण कराने और आरसीसी पुल का निर्माण शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने जिला पदाधिकारी नवीन कुमार से मामले को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और क्षेत्र के समग्र विकास से भी जुड़ा हुआ है। सड़क की बदहाली के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी उठानी पड़ रही है।

अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस लंबे समय से लंबित समस्या का संज्ञान लेकर सड़क और पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि हजारों ग्रामीणों को राहत मिल सके।


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